Latest news
23 अक्टूबर से उत्तराखण्ड में फिर मौसम के करवट लेने के आसार देहरादून में पहली बार नए और भव्य परिसर में होगा विरासत महोत्सव पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम धामी ने की कई घोषणाएं, 1600 पदों को जल्द भरने का ऐलान स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के तह्त शहर में चला विशेष सफाई अभियान, 40 टन कूड़ा उठाया गया राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा संपूर्ण कायाकल्प केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर किया हवन एवं कन्या पूजन सिमोग में दशहरा पर्व समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री महाराज पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गईंः सीएम मुख्यमंत्री बन्नू बिरादरी द्वारा परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव में हुए शामिल

[t4b-ticker]

Thursday, October 22, 2026
Homeउत्तराखण्डअंकिता भंडारी की मां बोली-फांसी मिलती तभी मिलती सच्ची शांति

अंकिता भंडारी की मां बोली-फांसी मिलती तभी मिलती सच्ची शांति

पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एडीजे कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के तीनों आरोपियों पुलकित आर्या, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को दोषी करार दिया है। साथ ही आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अंकिता भंडारी हत्याकांड पर तीन साल बाद आये फैसले पर अब अंकिता का मां की प्रतिक्रिया सामने आई है।
अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी ने कहा भले ही अदालत का यह फैसला एक बड़ी जीत है, लेकिन वह इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि तीनों आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। जिससे भविष्य में कोई भी इस तरह का जघन्य अपराध करने से पहले सौ बार सोचे।
अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी ने कहा इस पूरे संघर्ष में स्थानीय लोगों ने उनके परिवार का लगातार साथ दिया और समर्थन किया। जिसके लिए वह बेहद आभारी हैं। जिस जीत की हमें आज अनुभूति हो रही है, वह सिर्फ हमारे लिए नहीं है, वह उन सभी लोगों की जीत है जो हमारे साथ खड़े रहे। उन्होंने भावुक होकर आशा जताई कि इस फैसले से उनकी बेटी की आत्मा को कुछ हद तक शांति मिली होगी।
सोनी देवी की इन भावनात्मक बातों ने एक बार फिर इस दर्दनाक मामले की गूंज को सामने ला दिया है। जहां न्याय की लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की बन चुकी थी। सोनी देवी ने भावुक स्वर में कहा कि जो अपराध मेरी बेटी के साथ हुआ, उसकी पीड़ा एक माँ ही समझ सकती है। इन आरोपियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए थी जो उदाहरण बनतीष् उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में आवश्यकता पड़ी तो वह इस फैसले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेंगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments