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Friday, September 11, 2026
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अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को बड़ी राहत

देहरादून/नई दिल्ली। उर्मिला सनावर के वीडियो के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड में बीजेपी के नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम घसीटा गया था, जिसको लेकर दुष्यंत कुमार गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दुष्यंत कुमार गौतम की याचिका पर बड़ा आदेश दिया। हाईकोर्ट ने दुष्यंत कुमार गौतम को राहत देते हुए अंकिता भंडारी मामले में सोशल मीडिया पर चल रहे बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम के नाम वाले कंटेंट को 24 घंटे के भीतर हटाने को कहा है। सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की बेंच की ओर से कहा गया है कि अगर गौतम के नाम से संबंधित वीडियो और कंटेंट 24 घंटे के भीतर नहीं हटाए जाते हैं तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्वयं उनको हटा लिया जाए। इसके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि अगर ऐसे कंटेंटे फिर से डाले गए तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इसकी सूचना याचिकाकर्ता को दें, ताकि याचिकाकर्ता जरूर कदम उठा सकें। सुनवाई में दुष्यंत गौतम की तरफ से उनके वकील गौरव भाटिया पेश हुए थे। गौरव भाटिया ने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर याचिकाकर्ता का नाम बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें राजनीतिक पार्टियों का सोशल मीडिया का अकाउंट भी शामिल हैं। गौरव भाटिया ने कोर्ट को बताया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कभी भी याचिकाकर्ता का नाम सामने नहीं आया। इस मामले में ट्रायल कोर्ट भी अपना फैसला सुना चुकी है। याचिकाकर्ता लंबे समय से राजनीति में है और उन्हें इस वीडियो की वजह से काफी बदनामी झेलनी पड़ रही है, जिसकी भरपाई भी नहीं की जा सकती है। बता दें कि, दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कहा था कि उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में उनका नाम जोड़े जाने वाले कंटेंट को हटाया जाए। 24 दिसंबर 2025 को सोशल मीडिया पर उनको लेकर एक वीडियो अपलोड किया गया है। इस वीडियो में झूठे तरीके से उनके नाम को लेकर एक नैरेटिव तैयार किया गया है, जिससे उनकी मानहानि हुई है। इस वीडियो में उनके नाम को अंकिता भंडारी से जोड़कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया। याचिका में कहा गया था कि इस मामले की जांच के दौरान जांच एजेंसियों ने कभी भी उनका नाम नहीं लिया। अंकिता भंडारी मामले में जो अभियान चलाया जा रहा है, वो फेक न्यूज की श्रेणी में आता है। इसके द्वारा पॉलिटिकल लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।

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