Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डउत्तराखण्ड ने पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी

उत्तराखण्ड ने पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वर्ष 2025 के दौरान राज्य में घटित विभिन्न आपदाओं से हुए नुकसान के आकलन हेतु तैयार पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट रिपोर्ट राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार को प्रेषित कर दी है। इस रिपोर्ट में आपदाओं के कारण सामाजिक, अवसंरचना, उत्पादक एवं क्रॉस-कटिंग क्षेत्रों में हुए नुकसान, क्षति, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण आवश्यकताओं का विस्तृत एवं क्षेत्रवार आकलन प्रस्तुत किया गया है। देश में उत्तराखंड अकेला ऐसा राज्य है, जहां पहली बार पूरे प्रदेश का पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 15,103.52 करोड़ का समग्र आर्थिक प्रभाव आंका गया है। इसमें 3,792.38 करोड़ की प्रत्यक्ष क्षति, 312.19 करोड़ की हानि तथा 10,998.95 करोड़ की पुनर्वास, पुनर्निर्माण एवं बेहतर निर्माण की आवश्यकता सम्मिलित है।
सामाजिक क्षेत्र में कुल 4,966.85 करोड़ का आर्थिक प्रभाव दर्ज किया गया है। इसमें आवास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सबसे अधिक प्रभावित रहे। स्वास्थ्य क्षेत्र में अकेले 2,579.47 करोड़ का आर्थिक प्रभाव सामने आया है, जबकि आवास क्षेत्र में यह आंकड़ा 2,005.48 करोड़ रहा। अवसंरचना क्षेत्र में कुल 6,225.69 करोड़ का आर्थिक प्रभाव आंका गया है। जलापूर्ति क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 4,048.88 करोड़ का नुकसान दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त सड़कों को 1,963.29 करोड़ तथा विद्युत क्षेत्र को 213.52 करोड़ का प्रभाव पड़ा। कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, पर्यटन एवं वानिकी सहित उत्पादक क्षेत्रों में कुल 893.94 करोड़ का आर्थिक प्रभाव आंका गया है। इसमें पर्यटन क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित रहा, जहां 744.94 करोड़ का नुकसान दर्ज किया गया।
आपदा जोखिम न्यूनीकरण के अंतर्गत 3,017.04 करोड़ की पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण आवश्यकता चिन्हित की गई है, जिससे भविष्य में आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सके। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा तैयार पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट रिपोर्ट राज्य की भौगोलिक संवेदनशीलता, पर्वतीय परिस्थितियों एवं जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। रिपोर्ट का उद्देश्य केवल नुकसान का आकलन करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में अधिक सुदृढ़, सुरक्षित एवं आपदा-रोधी उत्तराखण्ड के निर्माण हेतु योजनाबद्ध पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण का रोडमैप प्रस्तुत करना है। इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार से आवश्यक वित्तीय सहयोग प्राप्त होगा, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र पुनर्बहाली, आजीविका संरक्षण तथा बुनियादी ढांचे को ‘बिल्ड बैक बेटर’ सिद्धांत के अनुरूप सुदृढ़ किया जा सकेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments