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Saturday, September 26, 2026
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ऋण प्रक्रियाओं और बीमा क्लेम में सरलीकरण हो, ऋण जमा अनुपात बढ़ाने पर दिया जाए विशेष जोरः मुख्यमंत्री

देहरादूून। केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लोगों को पूरा लाभ मिले, इसके लिए लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण देने की प्रक्रियाओं का और सरलीकरण किया जाए। जन समस्याओं का समाधान करना हमारी शीर्ष प्राथमिकता हो। कृषि बीमा योजनाओं में बीमा क्लेम की प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। जनपदों में ऋण जमा अनुपात बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की विशेष बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का ऋण जमा अनुपात बढ़ाने की दिशा में और प्रयास किए जाएं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य का ऋण जमा अनुपात 54 प्रतिशत से बढ़कर 54.26 प्रतिशत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे 60 प्रतिशत तक ले जाने के लिए और प्रभावी प्रयास किए जाएं। राज्य के पर्वतीय जनपदों, विशेषकर टिहरी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पौड़ी और बागेश्वर जनपदों में ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के लिए विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों को एक ही स्थान पर एक ही दिन में मिले, इसके लिए अक्टूबर में सभी जनपदों में बड़े स्तर पर कैम्प का आयोजन किया जाए, जिसमें सभी विभाग और बैंकर्स साथ बैठकर जन समस्याओं का समाधान करें और उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करें।
बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत प्रति लाख पर 48 हजार व्यक्तियों को बीमा कवरेज प्राप्त हुआ है, जो राष्ट्रीय औसत 40 हजार से अधिक है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत राज्य में प्रति ऋणकर्ता को औसत ऋण राशि 93,900 रुपये वितरित की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 62,686 की तुलना में काफी अधिक है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 39 लाख खाते खोले जा चुके हैं, यह आंकड़ा पर्वतीय राज्यों में सबसे अधिक है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य में अग्रिमों में 10.26 प्रतिशत और जमा में 9.09 प्रतिशत की वृद्धि रही। राज्य सरकार की वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में निरंतर अच्छी प्रगति रही। राज्य के कुल 06 लाख 10 हजार 636 किसानों ने के.सी.सी. सुविधा का लाभ लिया है, जिनमें से 67 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान हैं। राज्य में 70.23 प्रतिशत स्वयं सहायता समूहों का क्रेडिट लिंकेज है। विगत तीन वर्षों में एस.एच.जी. की संख्या में 21 प्रतिशत वृद्धि हुई है। बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, नितेश कुमार झा, राधिका झा, श्रीधर बाबू अदांकी, आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर अरविंद कुमार, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक देवाशीष मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, हिमांशु खुराना, मनमोहन मैनाली और संबंधित बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।

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