Latest news
कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत बने भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गढ़वाली कविताओं की गूंज के साथ संपन्न हुआ 10 दिवसीय उत्तराखण्ड कौथिग मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 22.15 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति का किया अनुमोदन आपदा प्रबंधन दिवस की रूपरेखा तय मुख्य सचिव ने सभी विभागों को जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश मुख्यमंत्री ने खटीमा में 14.97 करोड़ रुपये की सड़क चैड़ीकरण परियोजना का किया भूमि पूजन बादशाहीथौल में एसआईआर पर युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित, 200 छात्र-छात्राओं ने किया प्रतिभाग ट्रामाडोल तस्करी गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, अब तक पांच आरोपी दबोचे गढ़वाल के विकास को लेकर सांसद अनिल बलूनी की बड़ी पहल जन समाधान दिवस में 110 से अधिक शिकायतें दर्ज, एडीएम एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सुनीं जनसमस्याएं स्वस्थ लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष, सकारात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता अत्यंत आवश्यकः सीएम

[t4b-ticker]

Thursday, November 5, 2026
Homeउत्तराखण्डएकजुटता और तालमेल ही हमारी सबसे बड़ी शक्तिः राज्यपाल

एकजुटता और तालमेल ही हमारी सबसे बड़ी शक्तिः राज्यपाल

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में आयोजित 32वें संयुक्त नागरिक-सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। 12 दिन तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर की 31 विभिन्न सेवाओं एवं संस्थानों के 82 वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें 14 महिला अधिकारी भी शामिल रहीं। समापन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए नागरिक प्रशासन एवं सशस्त्र बलों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एकजुटता और तालमेल ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, जिसे हर स्तर पर सशक्त करने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि नागरिक-सैन्य समन्वय राष्ट्रशक्ति का अभेद्य कवच है। एक सैनिक का साहस और एक प्रशासक की रणनीतिक क्षमता जब एक साथ आती है, तो राष्ट्र की सुरक्षा और प्रगति को नई दिशा मिलती है। उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए इसे अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में नागरिक-सैन्य समन्वय की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक सुरक्षित और स्थिर राष्ट्र का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब आंतरिक और बाह्य सुरक्षा मजबूत होती है, तभी विकास की योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हो पाती हैं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचता है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर है और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला राष्ट्र नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर दिशा प्रदान करने वाला देश बन रहा है। राज्यपाल ने अधिकारियों से समन्वय, संवाद और संपर्क को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बने आपसी संबंध भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में राज्यपाल ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्रियाकलापों में सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया। इस कार्यक्रम में अकादमी के निदेशक श्रीराम तरणिकांति, संयुक्त निदेशक षणमुख प्रिया मिश्रा, कोर्स समन्वयक डी. महेश सहित विभिन्न सेवाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments