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Saturday, November 7, 2026
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गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर शीतकाल के लिए हुए बंद

उत्तरकाशी। विश्व प्रसिद्ध श्री गंगोत्री धाम मंदिर के कपाट बुधवार को अन्नकूट के पावन पर्व पर अभिजीत मुहूर्त में प्रातः 11 बजकर 36 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। धाम में उपस्थित देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा जी की उत्सव मूर्ति के दर्शन किए और पूजा-अर्चना में भाग लिया।
कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की डोली पुलिस सुरक्षा के बीच आर्मी बैंड, ढोल-दमाऊ और सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ जयकारों के बीच गंगोत्री से मुखबा गांव के लिए रवाना हुई। मां गंगा का रात्रि विश्राम आज मार्कण्डेय पूरी स्थित मां चंडी देवी मंदिर में होगा। कल भैया दूज के पर्व पर मां गंगा की उत्सव डोली अपने मायके मुखबा (मुखीमठ) पहुंचेगी।
शीतकाल में श्रद्धालु गंगा जी के दर्शन और पूजा-अर्चना मुखबा स्थित गंगा मंदिर में कर सकेंगे। मां गंगा की भोग मूर्ति छह माह तक सोमेश्वर देवता के साथ मुखबा में विराजमान रहेंगी। इस वर्ष 7,57,010 तीर्थयात्रियों ने गंगोत्री धाम में दर्शन किए। उधर, यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी 23 अक्टूबर को भैया दूज के पर्व पर अपराह्न 12ः30 बजे बंद किए जाएंगे। शीतकाल में यमुना जी की उत्सव मूर्ति खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में विराजमान रहेंगी।

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