Latest news
विश्व संस्कृत दिवस से पूर्व, उत्तराखण्ड ने वैश्विक स्तर पर संस्कृत के प्रसार को दिया नया आयाम ऋषिकेश में महिला आयोग का पांच दिवसीय महिला जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर शुरु सहकारिता में हरियाणा व उत्तराखंड मिलकर करेंगे कामः डाॅ. धन सिंह रावत मुख्य सचिव ने वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की बुजुर्ग-दिव्यांगों के घर जाएंगे बीएलओ, करेंगे नोटिसों का निस्तारण एमडीडीए बोर्ड बैठक में 25 विकास प्रस्तावों को मिली मंजूरी, देहरादून-मसूरी के नियोजित विकास को मिलेगी... मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों में पीएम आवास योजना (शहरी) की प्रगति की हुई समीक्षा मुख्य सचिव ने वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की भाजपा परिवार ने धार्मिक अनुष्ठान एवं सेवा भाव कार्यक्रमों संग मनाया प्रदेश अध्यक्ष का जन्मदिन संवाद ही हर समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यमः राज्यपाल

[t4b-ticker]

Wednesday, August 5, 2026
Homeउत्तराखण्डगैरसैंण को वैश्विक पटल पर स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री का...

गैरसैंण को वैश्विक पटल पर स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री का अहम कदम

गैरसैंण/देहरादून। अब तक केवल विधानसभा सत्र के दौरान खुलने वाला भराड़ीसैंण का विधानसभा भवन इस बार एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यहां भव्य कार्यक्रम का आयोजन होगा। यह आयोजन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर योग दिवस का कार्यक्रम भराड़ीसैंण में हो रहा है। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में सक्रिय करने की यह मुख्यमंत्री की सार्थक पहल भी है।
मुख्यमंत्री ने योग दिवस के कार्यक्रम से भराड़ीसैंण को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का भी काम किया है। विधानसभा परिसर में वैश्विक कार्यक्रम से उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी को विश्व भर में नया नाम मिलेगा। विदेशी मेहमानों की उपस्थिति, हिमालय की गोद में बसे इस क्षेत्र की प्राकृतिक सौंदर्य के बीच योग इस क्षेत्र को आयुष और वेलनेस के क्षेत्र में भी पहचान दिलाएगा।
कार्यक्रम एक, संदेश अनेकः भराड़ीसैंण में योग कार्यक्रम के आयोजन से एक ओर जहां ग्रीष्मकालीन राजधानी को लेकर राज्य सरकार ने अपनी नीति को स्पष्ट किया है। वहीं दूसरी ओर यह आयोजन उत्तराखंड को योग, वेलनेस और आयुष के क्षेत्र में भी नई पहचान दिलाएगा। योग नीति लागू होने के बाद इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार ने  उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी बनाने के संकल्प को दोहराया है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments