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Monday, September 28, 2026
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जल स्रोत और नदियों के संवर्द्धन के बड़े प्रोजेक्ट्स भी किए जाएं शुरूः मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में जल स्रोत एवं नदी पुनरोद्धार प्राधिकरण की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने बड़े प्रोजेक्ट न आने पर नाराजगी जताते हुए जल स्रोतों एवं नदियों के पुनरोद्धार की दिशा में सभी सम्बन्धित विभाग गंभीरता से लेते हुए कार्य करें। मुख्य सचिव ने कहा कि जिला स्तरीय कार्यकारी समितियों की बैठकों नियमित रूप से आयोजित की जाएं। उन्होंने सभी जनपदों में विकासखंड स्तर से 2 से 3 गांवों से जनप्रतिनिधि एवं इच्छुक लोगों को इसके प्रति जागरुकता के लिए मानसून से पूर्व कार्यशाला आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 200 ग्राम पंचायतों को कार्यशाला में शामिल किए जाने का लक्ष्य रखा जाए।
मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित संस्थानों को अपने लक्ष्य बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई और लघु सिंचाई विभाग को चेक डैम आदि बनाए जाने की दिशा में तेजी से कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए बजट की समस्या नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने ै।त्त्। को प्राप्त प्रस्तावों में से शीघ्र कार्य शुरू किया जाने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने नैनीताल एवं टिहरी जनपद द्वारा इस दिशा में अच्छे कार्य की प्रशंसा करते हुए बाकी जनपदों को भी जल स्रोतों के संवर्द्धन की दिशा में गंभीरता से कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों की मॉनिटरिंग के लिए सिंचाई अनुसंधान संस्थान रुड़की को नोडल एजेंसी बनाते हुए भूमिका एवं जिम्मेदारियां निर्धारित करते हुए एमओयू कर लिया जाए।
बैठक के दौरान अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीना ग्रेवाल ने प्रस्तुतीकरण दिया एवं अब किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर एपीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव आर. राजेश कुमार, कुमार यादव, विनोद कुमार सुमन जनपदों से जिलाधिकारी सहित सभी संबंधित विभाग एवं संस्थानों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

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