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Thursday, October 22, 2026
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पर्यटन में बढ़ते कदमः आस्था, रोमांच और इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तराखण्ड बना फेवरेट डेस्टिनेशन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। आस्था, रोमांच और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संगम से राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत किया जा रहा है।
प्रदेश में तीर्थ यात्राओं को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर रोपवे परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से 12.9 किमी लंबा रोपवे 4,081 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। वहीं, हेमकुण्ड साहिब के लिए गोविंदघाट से 12.4 किमी रोपवे 2,730 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं की यात्रा समय और कठिनाई दोनों में बड़ी कमी आएगी।
शीतकालीन यात्रा और धार्मिक सर्किट पर फोकस
उत्तराखण्ड में पहली बार शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई, जिससे पर्यटन को वर्षभर बढ़ावा मिल रहा है। इस पहल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुखवा पहुंचे, जो मां गंगा का शीतकालीन निवास स्थल है।
कुमाऊं क्षेत्र में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत 48 मंदिरों और गुरुद्वारों को एक धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
धामों का हो रहा कायाकल्प
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य जारी है। बदरीनाथ धाम को स्मार्ट आध्यात्मिक पहाड़ी कस्बे के रूप में विकसित करने के लिए 255 करोड़ की योजनाएं संचालित हैं। इसके साथ ही हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल का निर्माण और महासू मंदिर, हनोल के मास्टर प्लान को मंजूरी देकर नए धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।
एडवेंचर और स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा
उत्तराखण्ड को एडवेंचर टूरिज्म हब बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य में 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोल दिया गया है, जिससे देश-विदेश के पर्वतारोहियों को आकर्षित किया जा रहा है।
आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें 22 राज्यों से 700 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान दे रहा है। राज्य ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, स्टार गैजिंग का प्रमुख आकर्षण बन कर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेड इन उत्तराखंड की अपील के बाद वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर भी पहचान बन रही है। चार वर्षों में उत्तराखण्ड ने पर्यटन के क्षेत्र में “आस्था के साथ आधुनिकता” का मॉडल प्रस्तुत किया है। रोपवे, धार्मिक सर्किट, धामों का पुनर्विकास और एडवेंचर गतिविधियों के विस्तार से राज्य पर्यटन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

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