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Thursday, July 23, 2026
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मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट के आस-पास एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाइयों के बाद, वर्ष 2026 में भी उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में यह अभियान पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। एमडीडीए का स्पष्ट उद्देश्य प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित करना, भूमि माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा आम नागरिकों को अवैध प्लॉटिंग के नाम पर ठगे जाने से बचाना है। प्राधिकरण द्वारा बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद कुछ लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी, जिस पर अब सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत देहरादून के पुरूकुल क्षेत्र, मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट के आसपास हरीश यादव द्वारा लगभग 40 से 50 बिघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उक्त भूमि पर बिना स्वीकृति के सड़कें, भूखंडों का चिन्हांकन एवं अन्य अवैध संरचनाएं विकसित की जा रही थीं, जो मास्टर प्लान और प्राधिकरण के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन थीं। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, सुपरवाइजर, प्राधिकरण का प्रवर्तन अमला तथा पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। कार्रवाई को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से अंजाम दिया गया। एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में भी अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों एवं बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने से पहले संबंधित क्षेत्र की वैधता एवं प्राधिकरण से स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्ष 2025 में हमने रिकॉर्ड ध्वस्तीकरण कार्रवाई कर यह स्पष्ट संदेश दिया था कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती तय है। वर्ष 2026 में भी यही अभियान पूरी मजबूती के साथ जारी है। कुछ लोग भोले-भाले नागरिकों को गुमराह कर अवैध प्लॉट बेचने का प्रयास कर रहे हैं, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि लोगों की जीवनभर की कमाई को भी खतरे में डालता है। एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण-संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। हम सभी भूमि माफियाओं को साफ चेतावनी देते हैं कि अवैध गतिविधियां तुरंत बंद करें, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण द्वारा की जा रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई पूरी तरह नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। अवैध प्लॉटिंग न केवल मास्टर प्लान के खिलाफ है, बल्कि भविष्य में बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरण पर भी गंभीर असर डालती है। एमडीडीए का प्रयास है कि देहरादून और मसूरी क्षेत्र का विकास सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से हो। आम नागरिकों से आग्रह है कि वे किसी भी भूमि सौदे से पहले एमडीडीए से जानकारी अवश्य प्राप्त करें। प्राधिकरण द्वारा आगे भी सतत निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।

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