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Sunday, September 6, 2026
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राज्य की सभी जेलों में ‘एक जेल-एक प्रोडक्ट‘ का विकास किया जाएः सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में जेल विकास बोर्ड बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य की सभी जेलों में ‘एक जेल-एक प्रोडक्ट‘ का विकास किया जाए। कारागारों में निरूद्ध बन्दियों के कौशल विकास हेतु नियमित कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। आईटीआई के माध्यम से भी जेलों में अलग-अलग ट्रेड के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जेलों के विकास के लिए राज्य का अपना अलग मॉडल विकसित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जेलों में बनाये गये उत्पादों का सरकारी कार्यालयों में उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे समय-समय पर जेलों में भोजन व्यवस्थाओं को भी देखें। बैठक में निर्णय लिया गया कि केन्द्रीय कारागार सितारगंज, जिला कारागार अल्मोड़ा, पौड़ी, टिहरी, उप कारागार हल्द्वानी और रूड़की में लॉंड्री मशीन की स्थापना की जायेगी। जिला कारागार देहरादून और हरिद्वार में इसकी स्थापना से अच्छे परिणाम आये थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कारागारों में चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में प्रदेश की खुली जेल सितारगंज में कच्ची घानी सरसों तेल संयंत्र की स्थापना पर सहमति बनी। सितारगंज और हरिद्वार जेल में मशरूम फार्मिंग की सहमति भी दी गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जिला कारागार हरिद्वार, अल्मोड़ा, केन्द्रीय कारागार सितारगंज और उपकारागार हल्द्वानी में बेकरी यूनिट की स्थापना से लगभग 12 लाख रूपये आय अर्जित हुई है। सितारगंज खुली जेल में गौशाला की स्थापना से 10 लाख रूपये की आय हुई है। बैठक में प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक कारागार अभिनव कुमार, सचिव सी. रविशंकर एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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