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Saturday, September 12, 2026
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लंबित राजस्व वादों पर डीएम सख्त, एक साल पुराने मामलों के शीघ्र निस्तारण के आदेश

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों, मुख्य एवं विविध देयों की वसूली, अंश निर्धारण तथा राजस्व विभाग से संबंधित अन्य प्रमुख कार्यकलापों को लेकर गुरुवार को राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर धारा-34, 143, 33/39 एवं धारा-41 के अंतर्गत एक वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी वादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से धारा-34 के अंतर्गत अविवादित वादों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग (आवासीय, औद्योगिक एवं व्यावसायिक) से संबंधित कोई भी वाद लंबित न करहे। भूमि बंदोबस्त के अंतर्गत खसरा एवं खतौनी में त्रुटि सुधार के कार्यों में तेजी लाई जाए। भूमि सीमांकन से संबंधित वादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए। फील्ड अधिकारियों से सटीक एवं तथ्यपरक रिपोर्ट सुनिश्चित की जाए, जिससे अनावश्यक विवादों की संख्या में कमी लाई जा सके।
अंश निर्धारण, लिंकेज एवं पड़ताल के कार्यों में सदर, विकासनगर एवं डोईवाला तहसीलों की धीमी प्रगति एवं विलंब पर जिलाधिकारी कने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व उप निरीक्षकों को लक्ष्य निर्धारित कर स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी तय की जाए। तहसील स्तर पर नियमित समीक्षा तथा अपर जिलाधिकारी स्तर पर प्रत्येक 10 दिवस में प्रगति की समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए। लापरवाही की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी सहयोग की आवश्यकता होने पर तत्काल संपर्क किया जाए।
विविध देयों की वसूली की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि जनपद में 81 प्रतिशत निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 82.84 प्रतिशत वसूली प्राप्त कर ली गई है। चकराता, त्यूनी एवं कालसी तहसीलों में वसूली निर्धारित लक्ष्य से कम पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी बड़े बकायेदारों से वसूली में तेजी लाई जाए। जीएसटी सेक्शन से समन्वय स्थापित कर बड़े बकायेदारों के खाता विवरण प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यदि किसी कंपनी या फर्म से वसूली शेष है, तो आरसीएस कार्यालय से संबंधित कंपनी की संपत्तियों का विवरण प्राप्त कर वसूली की कार्यवाही तेज की जाए। बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे के अंतर्गत चयनित ग्रामों में की जा रही कार्यवाही, संग्रह अमीनों की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड रूम की स्थिति, आरसीएमएस के अनुप्रयोग, ई-ऑफिस, ऑडिट आपत्तियों तथा विभागीय सॉफ्टवेयर के अद्यतनीकरण की भी समीक्षा की गई एवं आवश्यक सुझाव दिए गए। समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरी, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार सहित वर्चुअल माध्यम से अन्य तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।

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