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Wednesday, October 28, 2026
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आध्यात्मिक एवं दार्शनिक परम्पराओं के विश्लेषण व संरक्षण को बनेगा महत्वपूर्ण मंच

देहरादून। युवाओं में भारतीय ज्ञान परम्परा की गहरी समझ विकसित करने के दृष्टिगत दून विश्वविद्यालय में शीघ्र ही ‘हिन्दू अध्ययन केन्द्र’ स्थापित किया जायेगा। इस केन्द्र में भारतीय दर्शन, इतिहास, साहित्य, समाजशास्त्र, कला, वास्तुकला सहित विभिन्न विषयों पर अध्ययन, शोध और प्रशिक्षण की बहुविषयक व्यवस्था विकसित की जायेगी। बीएचयू के बाद दून विश्वविद्यालय भारतीय दर्शन और वेद-पुराण अध्ययन का दूसरा प्रमुख केन्द्र बनेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित डीएमएमसी सभागार में दून विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलपति को एनईपी-2020 के अनुरूप ‘हिन्दू अध्ययन केन्द्र’ स्थापना को सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। डॉ. रावत ने कहा कि हिन्दू अध्ययन केन्द्र भारतीय आध्यात्मिक एवं दार्शनिक परम्पराओं को संरक्षित करने, विश्लेषण करने व प्रसारित करने के लिये एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। डॉ. रावत ने कहा कि अध्ययन केन्द्र में हिन्दू परम्पराओं, ग्रंथों और दर्शन की समझ को प्रोत्साहित किया जायेगा और शिक्षण व अनुसंधान हेतु भारतीय अनुसंधान पद्धति को बढ़ावा दिया जायेगा। इसके अलावा भारतीय ज्ञान परम्परा में निहित बहुविषयक शिक्षा प्रदान कर शिक्षार्थियों में नैतिकता, विश्लेषणात्मक दृष्टि और सांस्कृतिक समझ भी विकसित की जायेगी। इसके लिये विश्वविद्यालय में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम संचालित किया जायेगा, जिसमें छात्र-छात्राओं को तत्त्व विमर्श, धर्म एवं कर्म विमर्श, वाद-परंपरा, रामायण, महाभारत व नेतृत्व एवं संगठनात्मक व्यवहार जैसे विषय पढ़ाये जायेंगे जबकि परास्नातक स्तर पर हिंदू दर्शन, समाज, साहित्य, धर्म और नेतृत्व क्षमता आदि विषयों का गहन अध्ययन कराया जायेगा।
डॉ. रावत ने कहा कि बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के बाद दून विश्वविद्यालय देश का दूसरा विश्वविद्यालय होगा, जहां वेद, पुराण और भारतीय दर्शन सहित भारतीय ज्ञान परम्पराओं से संबंधित विषयों का विधिवत अध्ययन कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र आधुनिकता एवं परम्पराओं के बीच सेतु का काम करते हुये नैतिक मूल्यों, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक चेतना से युक्त जागरूक नागरिक और नेतृत्व तैयार करेगा। बैठक में विभागीय मंत्री ने डॉ. नित्यानंद हिमालयी शोध एवं अध्ययन केन्द्र तथा एमएससी अर्बन डेवलपमेंट मैनेजमेंट की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने शोध केन्द्र को और अधिक छात्रोपयोगी बनाने और विश्वविद्यालय को सेंटर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने हेतु ठोस प्रयास करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को दिये। बैठक में सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रणजीत सिन्हा, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, संयुक्त सचिव विक्रम सिंह यादव, उप सचिव ब्योमकेश दुबे, उप कुलसचिव दुर्गेश डिमरी, वित्त नियंत्रक (दून विवि) स्मृति खंडूडी, अनुभाग अधिकारी उच्च शिक्षा भवानी राम आर्य, उप निदेशक उच्च शिक्षा दीपक पाण्डेय, शैलेन्द्र कुमार, मनोज बिष्ट सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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