Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डआध्यात्मिक गुरु एवं आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर...

आध्यात्मिक गुरु एवं आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के नेतृत्व में दुनिया 21 दिसंबर को एक साथ ऑनलाइन ध्यान करेगी

देहरादून। विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर 21 दिसंबर को आध्यात्मिक गुरु एवं आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के नेतृत्व में पूरी दुनिया एक साथ ऑनलाइन ध्यान करेगी। यह वैश्विक ध्यान सत्र वे शाम 8ः30 बजे आयोजित करेंगे, जिसमें भारत सहित विश्व के अनेक देशों से लाखों लोग इसमें भाग लेकर शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करेंगे।
गुरुदेव ने इस अवसर पर ध्यान के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ध्यान मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अत्यंत सहायक है। आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में ध्यान व्यक्ति को भीतर से सशक्त और शांत बनाता है।
यह सामूहिक ऑनलाइन ध्यान कार्यक्रम https://aoliv.in/wmdlive
के माध्यम से यूट्यूब पर लाइव प्रसारित किया जाएगा , जिससे दुनिया के कोने-कोने से लोग इस पावन अवसर से जुड़ सके। गुरुदेव कहते हैं ध्यान को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और व्यक्तिगत शांति के साथ-साथ विश्व शांति की दिशा में योगदान दें। गुरुदेव कहते हैं कि जब व्यक्ति ध्यान करता है, तो समाज और विश्व में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः आने लगता है। आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित इस वैश्विक कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया कि तकनीक के माध्यम से भी पूरी मानवता को एक सूत्र में जोड़कर शांति और सद्भाव का संदेश दिया जा सकता है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments