Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डआवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने किया नगर एवं ग्राम नियोजन...

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने किया नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग का औचक निरीक्षण

देहरादून। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आज देहरादून के बंसत विहार स्थित नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग का औचक निरीक्षण कर विभागीय कार्यप्रणाली का व्यापक आकलन किया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने विभिन्न शाखाओं में चल रहे कार्यों की प्रगति, फाइल निस्तारण की स्थिति, योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा की तथा अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी कार्य संस्कृति अपनाने के निर्देश दिए। सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप विकास कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करते हुए जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
निरीक्षण के उपरांत डॉ. आर. राजेश कुमार ने बागेश्वर एवं गरुड़ की जीआईएस आधारित महायोजना (मास्टर प्लान) की समीक्षा बैठक में सहभागिता की। बैठक में बागेश्वर जनपद के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी कार्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान महायोजना के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। नगरीय विस्तार, यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, जल निकासी व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं एवं आधारभूत संरचना विकास से संबंधित बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि महायोजना को स्थानीय आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों एवं भविष्य की जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया जाए, ताकि योजनाबद्ध और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरलीकरण एवं विनियमन शिथिलीकरण से संबंधित कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, जिससे निवेश प्रोत्साहन एवं ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा मिल सके। डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी एवं डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाना समय की आवश्यकता है।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से बायोमेट्रिक उपस्थिति का विवरण प्राप्त किया तथा अनुपस्थित कार्मिकों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना अनुमति अथवा अनुचित कारण के किसी भी कार्मिक का अवकाश स्वीकार नहीं किया जाएगा। बिना अनुमति अनुपस्थित कार्मिकों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश भी प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन अनुशासन एवं समयपालन विभागीय कार्यकुशलता की आधारशिला है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
राज्य के संतुलित एवं सुनियोजित विकास के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारा प्रयास है कि सभी महायोजनाएं स्थानीय आवश्यकताओं, पर्यावरणीय संतुलन और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। ै।ैब्प् 2025दृ2026 एवं क्मतमहनसंजपवद 1.0 के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल बनाकर निवेश और विकास को गति दी जाएगी। साथ ही, कार्यालयीन अनुशासन एवं कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करना भी आवश्यक है, ताकि जनता को त्वरित एवं प्रभावी सेवाएं प्रदान की जा सकें। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा है कि वे टीम भावना के साथ कार्य करते हुए उत्तराखण्ड के समग्र विकास में योगदान दें।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments