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Thursday, July 23, 2026
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उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में हिलान्स कैंटीन की महिलाएँ बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

देहरादून। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव 2026 न केवल सांस्कृतिक उत्सव का केंद्र रहा, बल्कि यह आयोजन ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी भी बन गया। सेवा संकल्प फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य महोत्सव में विकासखंड रायपुर की दुर्गा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को हिलान्स कैंटीन के माध्यम से किचन एवं भोजन व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। यह जिम्मेदारी महिलाओं के लिए अपने कार्य कौशल को प्रदर्शित करने और बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने का सुनहरा अवसर बनी। दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पारंपरिक, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन तैयार कर न केवल कलाकारों और अतिथियों की प्रशंसा प्राप्त की, बल्कि अपने उत्कृष्ट स्वाद से सभी का दिल भी जीत लिया। मुख्यमंत्री, मुख्य अतिथि एवं जिला प्रशासन द्वारा भी उनके कार्य की सराहना की गई। इस प्रकार के बड़े आयोजनों में सहभागिता ने समूह की महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाया, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं देहरादून जिला प्रशासन द्वारा हिलान्स कैंटीन को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने की पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है।
जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए क्लेक्ट्रेट, कोरोनेशन अस्पताल, गुच्चूपानी और आईएसबीटी जैसे प्रमुख चार स्थानों पर ‘हिलांस कैंटीन-कम-किचन’ आउटलेट्स संचालन का जिम्मा महिला समूह को दी गई है। यह पहल महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका सृजन का सशक्त उदाहरण बन रही है। दुर्गा स्वयं सहायता समूह की सदस्य शिवानी थापा ने सेवा संकल्प फाउंडेशन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मंच मिलने से उन्हें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि बड़े आयोजनों में कार्य करने से न केवल मनोबल बढ़ता है, बल्कि अपनी अलग पहचान स्थापित करने का अवसर भी मिलता है।खंड विकास अधिकारी रायपुर अपर्णा बहुगुणा ने बताया कि दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ कोरोनेशन अस्पताल में हिलान्स कैंटीन के माध्यम से मरीजों एवं उनके तीमारदारों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रही हैं। इसके अतिरिक्त रायपुर ब्लॉक में बेकरी यूनिट का संचालन भी समूह द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और उनके लिए आजीविका के नए मार्ग प्रशस्त हो रहे हैं।कोरोनेशन अस्पताल में संचालित हिलान्स कैंटीन में चार महिलाएँ कार्यरत हैं, जिससे समूह को प्रतिमाह एक से डेढ़ लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। यह आय न केवल उनके परिवारों को आर्थिक संबल दे रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और आत्मविश्वास भी प्रदान कर रही है। दुर्गा स्वयं सहायता समूह की यह यात्रा साबित करती है कि यदि महिलाओं को अवसर, मंच और विश्वास दिया जाए, तो वे न केवल अपने जीवन को संवार सकती हैं, बल्कि समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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