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Thursday, July 23, 2026
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चारधाम यात्रा से स्थानीय आर्थिकी को मजबूती, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार का विशेष फोकसः सुबोध उनियाल

देहरादून। लोक भवन देहरादून में राज्यपाल गुरमीत सिंह एवं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने हेमवती नंदन चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘चार धाम यात्रा के दौरान चिकित्सा समस्याएं और सड़क दुर्घटना सुरक्षा उपाय’ विषयक सेमिनार का शुभारंभ कर “पिलग्रिमेज एजुकेशन हैंडबुक” का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड देश का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है, जहाँ प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालु देश के विभिन्न हिस्सों से दर्शन हेतु पधारते हैं। यह यात्रा न केवल आस्था का विषय है, बल्कि राज्य की आर्थिकी का महत्वपूर्ण आधार भी है, जिससे स्थानीय निवासियों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। होमस्टे, स्थानीय उत्पादों एवं अन्य सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में चार धाम यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने हेतु व्यापक तैयारियां की गई हैं। राज्य सरकार द्वारा 243 चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिनमें 33 विशेषज्ञ चिकित्सक भी शामिल हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सके। मंत्री सुबोध उनियाल ने सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि यात्रा पर आने से पूर्व अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं, विशेषकर वरिष्ठ नागरिक चिकित्सकीय परामर्श लेकर ही यात्रा करें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय मार्ग जितने आकर्षक हैं, उतने ही संवेदनशील भी हैं, इसलिए यात्रा के दौरान सतर्कता एवं अनुशासन का पालन अत्यंत आवश्यक है। सड़क दुर्घटनाओं में ‘गोल्डन आवर’ का विशेष महत्व होता है और समय पर उपचार से अनेक अमूल्य जीवन बचाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चार धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा सुखद एवं सुरक्षित हो सके।

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