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Saturday, October 24, 2026
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प्रकृति की गोद में बसा यह लेखक गाँव, अद्भुत और अविश्वसनीयः राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

देहरादून। देहरादून स्थित भारत के पहले लेखक गाँव में आज उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का आगमन अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। उनके स्वागत से पूरा परिसर सम्मान और उल्लास से आलोकित हो उठा। इस अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं लेखक गाँव के संरक्षक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ सहित उपस्थित गणमान्य अतिथियोंकृकैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, कोटद्वार के मेयर शैलेंद्र रावत, राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, डॉ. जयपाल सिंह, लेखक गाँव की निदेशक विदुषी निशंक, पद्मश्री डॉ. माधुरी बर्थवाल, पद्मश्री डॉ. आर.के. जैन एवं पद्मश्री डॉ. संजय शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर माननीय राज्यपाल का आत्मीय अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा, “मुझे कल्पना नहीं थी कि प्रकृति की गोद में इतना सुंदर और अद्भुत लेखक गाँव स्थापित किया गया हैकृयह वास्तव में अविश्वसनीय है।” उन्होंने आगे कहा कि लेखकों के लिए जिस शांत, सृजनशील वातावरण की आवश्यकता होती है, वह यहाँ पूर्णतः उपलब्ध है। इस अवसर पर साहित्यिक आदान-प्रदान की सुंदर परंपरा भी देखने को मिली, जहाँ राज्यपाल ने डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को अपनी पुस्तक “वो मुझे हमेशा याद रहेंगे” भेंट की, वहीं डॉ. निशंक ने भी अपनी कृति “हिमालय में राम” उन्हें सादर समर्पित की।
स्वागत उपरांत माननीय राज्यपाल ने लेखक गाँव के समस्त परिसर का अवलोकन किया और यहाँ संचालित साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए लेखक गाँव को सृजन, चिंतन और संस्कृति के संवर्धन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया। इस अवसर पर स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राकेश सुंदरियाल, सचिव बालकृष्ण चमोली, साहित्यकार डॉ. बेचैन कंडियाल, सनराइज एकेडमी की प्रबंध निदेशक पूजा पोखरियाल, अमित पोखरियाल, डोईवाला नगर पालिका के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, हरेन्द्र नेगी ’तेजांश’, शिवम ढौंडियाल, आश्ना नेगी सहित अन्य विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह गरिमामय स्वागत एवं भ्रमण लेखक गाँव के लिए न केवल गौरव का विषय रहा, बल्कि सभी उपस्थितजनों के लिए प्रेरणा और नई ऊर्जा का स्रोत भी सिद्ध हुआ।

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