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Thursday, October 29, 2026
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प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण होना चाहिए पर्यटन का विकासः महाराज

देहरादून/दिल्ली। हमारी सरकार यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप कार्य करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यटन क्षेत्र के सतत विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विकास प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण हो और स्थानीय समुदाय इसका प्रत्यक्ष लाभ उठा सकें।
उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को यशोभूमि (आईआईसीसी), द्वारका, नई दिल्ली में आयोजित आईसीआरटी भारतीय उपमहाद्वीप जिम्मेदार पर्यटन पुरस्कार-2025 एवं बीएलटीएम व्यापार शो में प्रतिभाग करते हुए अपने संबोधन में कही। कार्यक्रम के आयोजकों को शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि हम सब मिलकर आज आईसीआरटी भारतीय उपमहाद्वीप जिम्मेदार पर्यटन पुरस्कार 2025 के विजेताओं का सम्मान कर रहे हैं। आज का यह अवसर केवल पुरस्कार वितरण का अवसर नहीं है, बल्कि यह हम सभी के लिए एक प्रेरणा है कि पर्यटन किस प्रकार जिम्मेदार, सतत और समावेशी विकास का माध्यम बन सकता है।
श्री महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड को भी इस सम्मान सूची में शामिल किया गया है, यह हमारे लिए केवल गर्व का ही विषय नहीं है बल्कि हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है। यह मान्यता दर्शाती है कि हमारी नीतियाँ और पहलेंदृचाहे वह ग्रामीण पर्यटन हो, होम-स्टे योजना हो, या पर्यावरण संरक्षण आधारित नीतियाँ। हम सब मिलकर एक सतत पर्यटन मॉडल तैयार कर रहे हैं। हमारी सरकार यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप कार्य करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यटन क्षेत्र के सतत विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विकास प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण हो, और स्थानीय समुदाय इसका प्रत्यक्ष लाभ उठा सकें। इस अवसर पर मैं विशेष रूप से उन सभी संगठनों, उद्यमियों और समुदायों को बधाई देना चाहता हूँ जिन्हें इस वर्ष की मान्यता सूची में स्थान मिला है। आप सबके प्रयास हमें यह दिखाते हैं कि पर्यटन का सही अर्थ केवल यात्रियों की सुविधा नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण की जिम्मेदारी भी है। हम सबका सामूहिक प्रयास ही पर्यटन को आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत, सुरक्षित और लाभकारी बना सकता है। इस अवसर पर जहां एक जिम्मेदार पर्यटन साझेदारी के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में उत्तराखंड पर्यटन की ओर से अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद और आईसीआरटी (इंडिया फाउंडेशन) के अध्यक्ष हेरोल्ड गुडविन, प्रबंध निदेशक सुश्री मनीषा पांडे के बीच समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए वहीं उत्तराखंड पर्यटन को आईसीआरटी भारत और उपमहाद्वीप पुरस्कार-2025 सिल्वर अवार्ड से सम्मानित किया गया। आईसीआरटी भारतीय उपमहाद्वीप उत्तरदायी पर्यटन पुरस्कारों की सूची में भारत, श्रीलंका, नेपाल और मालदीव के सत्रह संगठनों को शामिल किया गया था।

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