Latest news
मिलावटखोरों के विरूद्ध प्रदेशभर में चलेगा विशेष अभियान मुख्य सचिव ने किया भवाली-रातिघाट बाईपास, कैंचीधाम मंदिर में निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण जिले के सरकारी स्कूलों को मिली डिजिटल रफ्तार, सभी 168 विद्यालयों में पहुंचे स्मार्ट टीवी; स्मार्ट टी... यूएसडीएमए की कार्यप्रणाली से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी विरासत कला उत्सव में सजी शास्त्रीय नृत्य की अनुपम छटा, लेखक गाँव में झूमे दर्शक चार धाम तीर्थयात्रियों को मिलेगा मजबूत स्वास्थ्य कवचः डॉ. धन सिंह रावत मुख्यमंत्री ने 63 सफाई निरीक्षकों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र भारत के श्रेष्ठ खिलाड़ियों को 21 मार्च को सम्मानित किया जाएगा मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करें, लंबित परियोजनाओं पर 15 दिन में निर्णय लेंः मुख्य... मुख्यमंत्री ने किया अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारम्भ

[t4b-ticker]

Tuesday, March 17, 2026
Homeउत्तराखण्डप्रदेशभर के वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म की संभावनाएं तलाशी जाएंः सीएस

प्रदेशभर के वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म की संभावनाएं तलाशी जाएंः सीएस

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में ईको टूरिज्म के क्षेत्र में और संभावनाएं तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का अधिकतम भू-भाग वन क्षेत्र हैं, जो प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने में सक्षम है। उन्होंने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ ही इसमें सामुदायिक सहभागिता बढ़ाए जाने की भी बात कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी गतिविधियों को निर्धारित समय पर शुरू किया जा सके, इसके लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाए और योजनाओं के कैलेंडर के अनुसार संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकृति से बिना छेड़-छाड़ किए छोटे-छोटे प्रयासों से पारिस्थितिकी पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि फॉरेस्ट वॉकिंग, नेचर ट्रेल जैसी गतिविधियों को बढ़ाया जाए। कहा कि पर्वतारोहण और ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने हेतु सिंगल विंडो सिस्टम में तैयार किया जाए, ताकि देश विदेश से सभी प्रकार की अनुमतियां एक बार आवेदन से प्राप्त हो सकें। उन्होंने वन विभाग को कैंपिंग साइट्स भी बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने पर्यटकों की संख्या एवं राजस्व के लक्ष्यों को बड़ा रखने के निर्देश दिए। कहा कि आने वाले समय में योजनाएं लक्ष्यों के अनुरूप बनाई जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अलग-अलग प्रभागों में अलग-अलग संचालित हो रही पर्यटन गतिविधियों अथवा योजनाओं के लिए अलग-अलग वेबसाइट्स के बजाय एक एकीकृत वेबसाइट तैयार की जाए, ताकि पर्यटकों को एक ही जगह पर सभी सभी पर्यटन गतिविधियों की सम्पूर्ण जानकारी मिल सके।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (वन पंचायत) बी. पी. गुप्ता एवं प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्र, मुख्य वन संरक्षक पी.के. पात्रो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments