Latest news
एमडीडीए का अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर बड़ा एक्शन, 7 स्थानों पर कार्रवाई प्राइमरी शिक्षकों ने किया नौ सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम आवास कूच राज्यपाल ने किए केदारनाथ और बदरीनाथ के दर्शन, प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि के लिए की कामना सड़कों के निर्माण की नई पहल, स्टेज-2 के कार्यों को मिलेगी प्राथमिकताः महाराज कालडी से केदारनाथ तक आध्यात्मिक एकता का संदेश, 14 दिन बाद पहले चरण का समापन मुख्यमंत्री ने प्रदान की विकास योजनाओं के लिए 496 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी 78 वृद्ध महिलाओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, दवाइयां और सहायक उपकरण वितरित दिव्यांगजनों के लिए रोजगार के नए अवसर, 23 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के छह अधिकारियों का चयन वेतनमान में हुयी पदोन्नति एफडीए की बड़ी कार्रवाई, कोर्ट कैंटीन से ढाबों तक छापेमारी, कई प्रतिष्ठानों को नोटिस

[t4b-ticker]

Sunday, October 25, 2026
Homeउत्तराखण्डप्रधानमंत्री की प्रभावी कूटनीति के कारण तेल और गैस आपूर्ति पर कोई...

प्रधानमंत्री की प्रभावी कूटनीति के कारण तेल और गैस आपूर्ति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ाः जीतन राम मांझी

देहरादून। केंद्रीय लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योग मंत्री जीतन राम मांझी हल्द्वानी में एमएसएमई के एक्सपेंशन सेंटर के निरीक्षण के बाद नैनीताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान बोट हाउस क्लब में कहा- प्रधानमंत्री की प्रभावी कूटनीति के कारण मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध का भारत की तेल और गैस आपूर्ति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर कीमतों में वृद्धि के बावजूद केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम कर जनता को राहत देने का प्रयास किया है। केंद्रीय मंत्री (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) मांझी ने कहा कि उत्तराखंड में एमएसएमई विभाग के कार्यालय हैं जिसके तहत हल्द्वानी में एक एक्सपेंशन सेंटर है और वह उसी के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे।
श्री मांझी ने कहा कि भारत ने संतुलित विदेश नीति अपनाते हुए इजरायल और ईरान दोनों के साथ मजबूत संबंध बनाए हैं। हार्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद भारतीय जहाजों को आवाजाही की अनुमति मिलना इसी कूटनीतिक सफलता का परिणाम है। उन्होंने बताया कि लघु, कुटीर और मध्यम उद्योगों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। “इस क्षेत्र में ऊर्जा संसाधनों की बजाय मानव संसाधन की अधिक आवश्यकता होती है, और इसके माध्यम से देश में लगभग 33 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम माझी ने कहा देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। सरकार कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने जमाखोरी करने वालों पर सख्त नजर रखने की बात भी कही।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments