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Monday, September 28, 2026
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फर्जी सीबीआई अफसर दोस्त सहित गिरफ्तार

अल्मोड़ा। पुलिस ने फर्जी सीबीआई अफसर समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर एक बुजुर्ग को करीब पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा था। इस दौरान आरोपियों ने पीड़िता से करीब 7 लाख 20 हजार की ठगी थी। पीड़ित ने इस मामले में लमगड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पीड़ित जीवन सिंह मेहता ने पुलिस को इस मामले में तहरीर दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि आरोपियों ने 13 जनवरी 2025 से 17 जनवरी तक उनको डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग केस में संलिप्त होने का डर दिखाकर 7 लाख 20 हजार रुपए की ठगी की थी।
पीड़ित के मुताबिक 13 जनवरी को उसे एक वीडियो कॉल आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा था कि मनी लॉन्ड्रिंग केस में उसके बैंक खाते और पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया है। इसी का डर दिखाकर आरोपियों ने जीवन सिंह मेहता को डिजिटल अरेस्ट किया. साथ ही कहा कि वो इस दौरान वीडियो कॉलिंग कट नहीं करेंगे और घर के किसी भी सदस्य को कुछ नहीं बताएंगे।
आरोपी ने जीवन सिंह मेहता को कहा कि उनका अकाउंट वेरीफाई करना होगा। इसीलिए जो भी पैसा उनके खाते में है। उसे वो उनके बताए खाते में डाले. वेरिफिकेशन के बाद उनका पैसा वापस कर दिया जाएगा। साथ ही आरोपी ने धमकी भी दी कि यदि जीवन सिंह मेहता ने उनके साथ कॉपरेट नहीं किया तो उनको गिरफ्तार भी किया जा सकता है। आरोपी ने जीवन सिंह मेहता को कहा था कि ये बहुत बड़ा मामला है। इसीलिए उनका एनकाउंटर भी हो सकता है।
इसी तरह डर कर जीवन सिंह मेहता ने तीन किस्तों में सात लाख बीस हजार रुपए आरोपियों के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने जीवन सिंह मेहता से और पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने और पैसे देने में असमर्थता जता दी, जिसके बाद आरोपियों ने कहा कि कोई बात नही हम जांच कर रहे है। आपका पैसा जल्द वापस आ जाएगा। काफी दिनों बाद भी जब जीवन सिंह मेहता का पैसा वापस नहीं आया तो उन्होंने आरोपी के नंबर पर कॉल किया, लेकिन वो नंबर बंद आ रहा था। इसके बाद जीवन सिंह मेहता को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। ठगी के करीब एक महीने बाद जीवन सिंह मेहता ने लमगड़ा थाने पर तहरीर दी गई। पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया। अल्मोड़ा एसएसपी देवेन्द्र पींचा के निर्देश पर टीम ने इस गिरोह के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारियां जुटाई। इसके बाद ही पुलिस ने 21 अप्रैल 2025 गिरोह के दो सदस्यों को 1200 किमी दूर खरगोन मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। आरोपियों का नाम संतोष गुर्जर (31 साल) और कपिल सोनी (49 साल) है। एसएसपी देवेन्द्र पींचा ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई चीज नहीं होती है। लोगों को जागरूक होना पड़ेगा, तभी इस तरह की घटनाएं रुकेगी। यदि किसी भी व्यक्ति के पास इस तरह का कॉल आए तो वो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। एसएसपी देवेन्द्र पींचा के मुताबिक इस गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

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