Latest news
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारः महाराज आयुष्मान के बेहतरी को प्रयासों में गंभीरता जरूरीः डा धन सिंह रावत गृहमंत्री के दौरे से पहले देहरादून प्रशासन अलर्ट, डीएम ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण सारा की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित हाई पावर कमेटी ने 187.11 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को दी मंजूरी महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई देहरादून में नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन अंतिम चरण में, जल्द होगा जनता को समर्पित टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्रः सीएम 17 लाख से अधिक लाभार्थियों ने उठाया आयुष्मान योजना का लाभः डॉ. धन सिंह डीएम देहरादून सविन बंसल ने राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन आपूर्तिकर्ता सेंट्रल गोदाम रुड़की में क...

[t4b-ticker]

Saturday, March 7, 2026
Homeउत्तराखण्डबच्चों में कफ सिरप के उपयोग पर केंद्र की एडवाइजरी को सभी...

बच्चों में कफ सिरप के उपयोग पर केंद्र की एडवाइजरी को सभी जनपदों में सख्ती से लागू करने के आदेश

देहरादून। बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से 3 अक्टूबर 2025 को जारी एडवाइजरी के अनुपालन में राज्य में भी बच्चों में कफ सिरप के विवेकपूर्ण उपयोग और वितरण पर विशेष बल दिया गया है। डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी या जुकाम की दवा नहीं दी जानी चाहिए। पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में इन दवाओं का सामान्य उपयोग अनुशंसित नहीं है। केवल विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह, सही खुराक और न्यूनतम अवधि के लिए ही इनका उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मामलों में बच्चों की खांसी और जुकाम की समस्या स्वतः ठीक हो जाती है। इसलिए आवश्यक है कि चिकित्सक इन दवाओं के अनावश्यक प्रयोग से बचें। स्वास्थ्य सचिव ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि औषधि निरीक्षक चरणबद्ध तरीके से कफ सिरप के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच कराएं ताकि दोषपूर्ण या हानिकारक दवाओं को बाजार से तुरंत हटाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सभी चिकित्सक और औषधि विक्रेता केंद्र की एडवाइजरी का पालन सुनिश्चित करें। डॉ. आर. राजेश कुमार ने जनता से अपील की है कि वे बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी या जुकाम की दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। उन्होंने कहा बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रतिबंधित या अधोमानक दवाओं के उपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments