Latest news
लक्ष्मी नारायण मंदिर में सात दिवसीय गणेश महोत्सव का हुआ समापन बदरीनाथ धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा देवभूमि की लोक संस्कृति हमारी पहचान, नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारीः सीएम विरासत के संरक्षण के साथ होगा देहरादून का सुनियोजित विकास मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले, सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित उत्तराखण्ड में व्यापक स्तर पर चलेंगे आपदा प्रबंधन के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को राज्य में ही मिलेंगे रोजगार और शिक्षा के अवसर, पलायन रोकने पर सरकार का जोर आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में स्नातक उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण का उत्सव देहरादून रोजगार मेले में 249 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित, अब तक 12 लाख से अधिक युवा लाभान्वि... युवाओं और महिलाओं ने अपनाया होम स्टे व्यवसाय

[t4b-ticker]

Sunday, September 20, 2026
Homeउत्तराखण्डबद्री गाय के गोबर से महिलाओं ने बनाए आकर्षक दीये

बद्री गाय के गोबर से महिलाओं ने बनाए आकर्षक दीये

रुद्रप्रयाग। दीपावली का पर्व नजदीक आते ही चारों ओर उल्लास, प्रकाश और उत्साह का वातावरण है। इसी क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग की महिलाएं अपनी मेहनत और रचनात्मकता से इस पर्व को विशेष बना रही हैं। ब्लॉक जखोली के अंतर्गत जय रुद्रनाथ स्वायत सहकारिता समिति जवाड़ी से जुड़ी हिमाद्री महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बद्री गाय के गोबर से आकर्षक दीपक एवं जड़ी-बूटियों से बनी धूप का निर्माण कर रही हैं।
समूह की अध्यक्ष गुड्डी देवी ने बताया कि उन्होंने अब तक तीन हजार से अधिक पर्यावरण हितैषी दीपक तैयार किए हैं, जिनकी बाज़ार में अच्छी मांग देखी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मुनि की रेती में आयोजित सरस आजीविका मेला 2025 में 500 से अधिक दीपक विक्रय किए गए हैं। इस पहल से न केवल घरों को स्वदेशी रोशनी से सजाने का अवसर मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आजीविका के नए द्वार भी खुल रहे हैं। इन महिलाओं की ओर से निर्मित गोबर आधारित दीये न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण हैं, बल्कि स्थानीय संसाधनों के उपयोग से आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त कदम भी हैं। इस पहल से महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना का विस्तार हो रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग राजेंद्र सिंह रावत ने समूह की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित स्वदेशी दीपक आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। इस प्रकार के नवाचार न केवल आर्थिक मजबूती प्रदान करते हैं बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहित करते हैं। प्रशासन द्वारा ऐसे प्रयासों को आगे भी पूरा सहयोग दिया जाएगा।
इस तरह रुद्रप्रयाग की ग्रामीण महिलाएँ दीपावली पर न केवल अपने घरों को बल्कि अपने परिश्रम और नवाचार से आत्मनिर्भरता की ज्योति से पूरे जनपद को जगमगा रही हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments