Latest news
डॉ. निशंक के दिल्ली आवास पर दिग्गजों का मंथन उत्तराखंड में नवाचार आधारित शिक्षा मॉडल के विकास पर फोकस आयुष मंत्री मदन कौशिक ने राष्ट्रीय आयुष मिशन की समीक्षा की कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए सचिव से लगाई गुहार -मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की कई योजनाओं का शुभारंभ मुख्य सचिव ने समन्वित, प्रभावी एवं समयबद्ध आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित किए जाने के निर्देश... चकराता में केंद्रीय संचार ब्यूरो का तीन दिवसीय एकीकृत संचार एवं आउटरीच कार्यक्रम संपन्न ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’, शौर्य दिवस के अवसर पर कारगिल वीरों को दी जाएगी श्रद्धांजलि अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया

[t4b-ticker]

Friday, July 24, 2026
Homeउत्तराखण्डबेरोजगारों के आंदोलन का किया जा रहा राजनीतिकरणः धामी

बेरोजगारों के आंदोलन का किया जा रहा राजनीतिकरणः धामी

देहरादून। यूकेएसएसएससी पेपर लीक केस को लेकर प्रदेश भर में युवाओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। इस मामले पर जमकर राजनीति भी हो रही है। युवाओं के प्रदर्शन को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा बयान दिया है। सीएम धामी ने कहा कि इस आंदोलन का राजनीतिकरण किया जा रहा है, जहां देशद्रोह के नारे भी लग रहे है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उन्होंने कल भी युवाओं से कहा था कि ये उन्हें तय करना है कि उनका आंदोलन चलाने वाले कौन लोग है? आखिर उनके आंदोलन से कारण युवाओं को सड़क पर लाकर कौन लोग अपने हित साध रहे है। किन लोगों ने इस मामले का पूरी तरह से राजनीतिकरण कर दिया है? सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि आंदोलन ऐसे लोग चला रहे है, जिनका न तो युवाओं और न ही भर्ती परीक्षाओं के कोई लेना देना है, वो लोग केवल अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहते है। लेकिन सरकार की प्रतिबद्धता है कि जैसे उन्होंने 25 हजार नियुक्तियां पारदर्शिता के आधार पर की है, बिना भ्रष्टाचार के की है, उनकी सरकार संकल्प के साथ इस क्रम का आगे बढ़ाएंगी। उनका संकल्प है कि भर्ती कैलेंडर भी जारी होगा।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि हाईकोर्ट के जज की निगरानी में एसआईटी मामले की जांच करेगी। एक महीने के भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से रोक दिया है। इस दौरान कोई परिणाम आने वाला नहीं है। एसआईटी की जांच में जो भी सामने आएगा, उसी आधार पर छात्रों के हित में निर्णय लिया जाएगा। लेकिन ये भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्रों को आड़ में सरकार को निशाना बनाया जा रहा है, उसका राजनीतिकरण किया जा रहा है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आंदोलन में देशद्रोह के नारे लगाए जा रहे है। सनातन धर्म का अपमान किया जा रहा है। इसलिए इस मामले में युवाओं को भी सोचना है। वैसे राज्य के युवा बहुत विवेकशील है। यहां का युवा राष्ट्रवादी भी है। उत्तराखंड देवभूमि भी है। निश्चित रूप से देवभूमि के लोग विचार कर आगे बढ़ेंगे। सीएम धामी ने ये बयान देहरादून में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से पूछ गए सवालों के जवाब में दिया।
बता दें कि 21 सितंबर रविवार को हरिद्वार के एक एग्जाम सेंटर से यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा के प्रश्न पत्र के तीन पन्ने एग्जाम शुरू होने के कुछ देर बाद ही बाहर आ गए थे। इस मामले को लेकर प्रदेश में काफी हंगामा हो रहा है। प्रदेश में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे है। इन विरोध प्रदर्शनों को ही सीएम धामी ने राजनीति से प्रेरित बताया है। वैसे इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपी खालिद, जो अभ्यर्थी भी था, उसे और उसकी बहन को गिरफ्तार कर चुकी है।
आरोप है कि खालिद ने ही एग्जाम सेंटर से प्रश्नपत्र के तीन पन्नों की मोबाइल से फोटो लेकर अपनी बहन साबिया को भेजे थे। साबिया ने वो फोटो असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन थे। इसी के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ था।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments