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Friday, October 9, 2026
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भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के परीक्षण एवं जन जागरूकता के लिए बजाया जाएगा सायरन

देहरादून। उत्तराखण्ड में भूकम्प के प्रति आमजन को जागरूक करने तथा राज्य में स्थापित भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के अंतर्गत लगाए गए सायरन एवं सेंसरों का परीक्षण करने के लिए कल 09 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे राज्य में भूकम्प का सायरन बजाया जाएगा। यह सायरन किसी वास्तविक भूकम्प की सूचना नहीं होगा, बल्कि प्रणाली के परीक्षण और जन जागरूकता के उद्देश्य से बजाया जाएगा। गुरुवार को सायरन बजाए जाने को लेकर उपभोक्ताओं को भूदेव एप पर एलर्ट भी प्राप्त हुआ।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि कल होने वाले परीक्षण के माध्यम से लोगों को सायरन की आवाज से परिचित कराया जाएगा, ताकि वास्तविक भूकम्प की स्थिति में सायरन सुनकर लोग इसे पहचान सकें और घबराने के बजाय आवश्यक सावधानी बरत सकें। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के अंतर्गत 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित किए गए हैं। कल सायरन बजाकर इनकी कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जाएगा। यदि किसी स्थान पर सायरन या प्रणाली में तकनीकी समस्या पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा, ताकि वास्तविक आपदा के समय चेतावनी प्रणाली प्रभावी ढंग से कार्य कर सके।
श्री सुमन ने बताया कि राज्य में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है। सायरन एवं सेंसरों की संख्या को दोगुना किया जाएगा तथा लगभग 5 से 10 किलोमीटर की दूरी के अंतराल पर सेंसर एवं सायरन स्थापित किए जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यूएसडीएमए एवं आईआईटी रुड़की के सहयोग से अतिरिक्त सेंसर स्थापित करने का प्रस्ताव भी गतिमान है, जिससे भूकम्पीय गतिविधियों की निगरानी और चेतावनी की क्षमता में और सुधार होगा।
उन्होंने बताया कि कल सायरन के परीक्षण के साथ भूदेव मोबाइल ऐप उपयोगकर्ताओं के मोबाइल फोन पर भी परीक्षण चेतावनी संदेश, वाइब्रेशन एवं बीप-बीप की ध्वनि प्राप्त होगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि भूदेव मोबाइल ऐप का अपडेटेड वर्जन अपने मोबाइल में इंस्टॉल अपडेट रखें तथा ऐप को लोकेशन की अनुमति हमेशा के लिए प्रदान करें, ताकि वास्तविक भूकम्प की स्थिति में चेतावनी समय पर प्राप्त हो सके। उन्होंने आमजन से विशेष अपील की कि कल पूर्वाह्न 11 बजे सायरन बजने पर किसी प्रकार की घबराहट या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न करें। यह पूर्व निर्धारित परीक्षण है। इस पहल का उद्देश्य आमजन को भयभीत करना नहीं, बल्कि भूकम्प के प्रति जागरूक, सतर्क और तैयार करना तथा राज्य की भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली को नियमित रूप से परखना है। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि प्रत्येक माह की 09 तारीख को पूर्वाह्न 11.00 बजे सायरन बजने पर घबराएं नहीं। यह सायरन भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के नियमित परीक्षण एवं जन जागरूकता के लिए बजाया जाएगा।

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