Latest news
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विकास योजनाओं के लिए 496 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी 78 वृद्ध महिलाओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, दवाइयां और सहायक उपकरण वितरित दिव्यांगजनों के लिए रोजगार के नए अवसर, 23 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट उत्तराखण्ड वित्त सेवा संवर्ग के छह अधिकारियों का चयन वेतनमान में हुयी पदोन्नति एफडीए की बड़ी कार्रवाई, कोर्ट कैंटीन से ढाबों तक छापेमारी, कई प्रतिष्ठानों को नोटिस प्रदेश में 23 अक्टूबर से शुरु होगी ईवीएम मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच विकास परियोजनाओं की बाधाओं को दूर करने के लिए विभागीय समन्वय एवं समयबद्ध कार्यवाही पर जोर मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में किया प्रतिभाग मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक

[t4b-ticker]

Saturday, October 24, 2026
Homeउत्तराखण्डमतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने की अहम...

मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने की अहम बैठक

देहरादून। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति साझा की गई तथा राजनीतिक दलों को प्रारूप-9, 10, 11ए और 11बी की सूचियां भी सौंपी गईं। जिलाधिकारी ने बताया कि 13 अगस्त तक जिले में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए 39,025 नागरिकों ने प्रारूप-6 में आवेदन किया है। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 में 10,235 दावेध्आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जबकि मतदाता सूची में विवरण संशोधन के लिए 10,718 नागरिकों ने प्रारूप-8 में आवेदन प्रस्तुत किए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त सभी आपत्तियों पर संबंधित बीएलओ द्वारा संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के सात दिन बाद ही सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। जिलेभर में बूथवार आयोजित होने वाले इन शिविरों में जिस मतदाता के विरुद्ध आपत्ति दर्ज की गई है और आपत्तिकर्ता, दोनों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आपत्तिकर्ता द्वारा ठोस आधार अथवा प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम अब अपने अंतिम एवं अत्यंत महत्वपूर्ण चरण में है, ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय एवं रचनात्मक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि जिन नागरिकों को नोटिस तामील किए जाएंगे, उन्हें अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से संबंधित बूथ तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि सभी दावे एवं आपत्तियों का निष्पक्ष, प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 में मिथ्या घोषणा प्रस्तुत करने वालों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. चैहान ने बताया कि 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार जिले में अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 एवं 2026 की मतदाता सूचियों के मिलान के दौरान विवरण में विसंगति, अपूर्ण जानकारी अथवा डेटा का सही मिलान न होने के कारण 5.47 लाख मतदाताओं को व्यक्तिगत नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के विवरण में विसंगति तथा 1,52,170 मतदाताओं की मैपिंग नहीं होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारीध्मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली सहित कांग्रेस के डॉ. जसविंदर सिंह, प्रशांत खंडूड़ी एवं सुनील जायसवाल, आम आदमी पार्टी के कमल राणा सहित वर्चुअल माध्यम से विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments