Latest news
डॉ. निशंक के दिल्ली आवास पर दिग्गजों का मंथन उत्तराखंड में नवाचार आधारित शिक्षा मॉडल के विकास पर फोकस आयुष मंत्री मदन कौशिक ने राष्ट्रीय आयुष मिशन की समीक्षा की कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए सचिव से लगाई गुहार -मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की कई योजनाओं का शुभारंभ मुख्य सचिव ने समन्वित, प्रभावी एवं समयबद्ध आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित किए जाने के निर्देश... चकराता में केंद्रीय संचार ब्यूरो का तीन दिवसीय एकीकृत संचार एवं आउटरीच कार्यक्रम संपन्न ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’, शौर्य दिवस के अवसर पर कारगिल वीरों को दी जाएगी श्रद्धांजलि अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया

[t4b-ticker]

Friday, July 24, 2026
Homeउत्तराखण्डरुद्रप्रयाग जनपद के कई गावों में अतिवृष्टि ने मचाई भारी तबाही

रुद्रप्रयाग जनपद के कई गावों में अतिवृष्टि ने मचाई भारी तबाही

रुद्रप्रयाग। जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर अगस्त्यमुनि ब्लॉक के बेड़ू बगड़, चमेली और बगड़ धार तोक गांवों में अतिवृष्टि से भारी तबाही मची है। भारी बारिश से रुमसी गदेरा उफान पर आ गया। गदेरे की बाढ़ में भारी मात्रा में मलबा आया। हालात ये हैं कि कई घर हवा में लटके हैं। गांवों में बिजली-पानी की व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। कई लोगों ने अपने घर छोड़ दिए हैं। इस मलबे ने इलाके का पूरा भूगोल ही बदल दिया है।
शुक्रवार की रात रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के तीन गांवों पर वज्रपात की तरह गिरी। लगातार हो रही बारिश के कारण जन जीवन अस्तव्यस्त था। लोग रात का खाना खाकर सोए थे। लेकिन बारिश को लेकर थोड़ा आशंकित भी थे। इससे सतर्क भी थे। तभी देर रात बारिश बहुत तेज हो गई। तेज आवाजों के साथ पानी और मलबा बेड़ू बगड़, चमेली और बगड़ धार तोक गांवों की ओर आता महसूस हुआ।
देखते ही देखते जल सैलाब और मलबे ने तीनों गांवों को अपनी आगोश में ले लिया। कई घंटे तक भारी बारिश के कारण बाढ़ में तब्दील हुआ रुमसी नाले का पानी अपने साथ मिट्टी और बड़े बड़े बोल्डर लेकर तबाही मचाता रहा। डरे सहमे लोग रात भर इस आपदा से बचाव की कोशिश करते रहे। डर के साये बीती रात के बाद सुबह हुई तो तब जाकर पता चला कि रुमसी गदेरा कितनी भारी तबाही मचा चुका था।
तीनों गांवों में हर तरह तबाही ही तबाही दिखाई दे रही थी। हालात ये थे कि जिसने पिछली शाम इन तीनों गांवों को देखा होगा, वो आज इन गांवों को पहचान नहीं पाएगा। तीनों गांवों का पूरा भूगोल ही अतिवृष्टि से आई आपदा ने बदल कर रख दिया है। अनेक मकान मलबे में दब गए हैं। अनेक वाहन भी मलबे में दबे पड़े हैं। कई दोपहिया वाहनों का तो पता ही नहीं चल पा रहा है। हर तरफ मलबा ही मलबा दिखाई दे रहा था। लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि सफाई करें तो कहां से शुरू करें। सिर्फ मैन पावर से ही ये मलबा साफ भी नहीं किया जा सकता है।
जब गांव वालों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिन दो गांवों में अतिवृष्टि से तबाही मची है, उनमें बेड़ू बगड़ गांव केदारनाथ हाईवे के ऊपर है। बेड़ू बगड़ गांव केदारनाथ हाईवे के नीचे है। लोगों ने बताया कि केदारनाथ नेशनल हाईवे से बेड़ू बगड़-डोभा भौंसाल लिंक मार्ग बन रहा है। निर्माण एजेंसी लापरवाही से मलबा रुमसी गदेरे में डाल रही है। इस कारण हालात बहुत खराब हैं। अतिवृष्टि से आई आपदा का कारण भी लोगों ने इसी लापरवाही को बताया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments