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Tuesday, September 22, 2026
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साल में दो बार लिया जाएगा फिजिकल स्टैंडर्ड एप्टीट्यूड टेस्ट

देहरादून। प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की प्रगति पर अब पहले से अधिक बारीकी से नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत खिलाड़ियों का फिजिकल स्टैंडर्ड एप्टीट्यूड टेस्ट वर्ष में दो बार लिया जाएगा, जबकि प्रत्येक शनिवार को खेलो पोर्टल के माध्यम से दो घंटे की वर्चुअल ट्रेनिंग भी आयोजित होगी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इन कदमों से खिलाड़ियों की क्षमता का बेहतर आकलन होने के साथ उनके प्रदर्शन में भी निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। योजना के नियमों और चयन प्रक्रिया में सुधार के लिए कुछ संशोधनों का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो वर्तमान में शासन स्तर पर विचाराधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित संशोधनों पर अंतिम निर्णय होने तक चयन एवं अन्य सभी प्रक्रियाएं पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार निर्बाध रूप से जारी रहेंगी।
उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य फोकस खिलाड़ियों की वास्तविक प्रगति की निगरानी करना है। इसी उद्देश्य से अब प्रदेश के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों का फिजिकल स्टैंडर्ड एप्टीट्यूड टेस्ट स्कोर वर्ष में दो बार अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा, जिससे उनकी शारीरिक दक्षता और खेल क्षमता का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सके।
रेखा आर्या ने कहा कि जमीनी स्तर पर बेहतर खेल वातावरण तैयार करने के लिए सभी जिलों के जिला क्रीड़ा अधिकारियों को विभिन्न खेल प्रशिक्षकों तथा शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे और खेल गतिविधियों को नई गति मिलेगी। खेल मंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों को आधुनिक खेल तकनीकों और प्रशिक्षण पद्धतियों से जोड़ने के लिए डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खेलो पोर्टल पर दो घंटे का वर्चुअल प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से खिलाड़ियों को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा और इसके लिए अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिला क्रीड़ा अधिकारियों को इन दिशा-निर्देशों का तत्काल और कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं, ताकि प्रदेश का कोई भी प्रतिभावान खिलाड़ी आगे बढ़ने के अवसर से वंचित न रहे।

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