Latest news
राज्यपाल ने लोक भवन के मुख्य प्रवेश द्वार का किया लोकार्पण जिला योजना समिति निर्वाचन की निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, झाझरा में पांच बीघा अनधिकृत प्लॉटिंग ध्वस्त मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी’ संकल्प को नई गति, सहसपुर में 2,500 महिलाओं के लिए सामान्य सुविधा केंद्र ... भाजपा मीडिया टीम की बैठक मे चुनाव रणनीति पर हुई चर्चा, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दिये जरूरी निर... कोयला खदानों को देख विकास की एक और तस्वीर से रूबरू हुआ उत्तराखंड का मीडिया दल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 8 दशक पुरानी किशाऊ परियोजना को मिली निर्णायक गति चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा मंत्री गणेश जोशी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा युवाओं की भागीदारी से साकार होगा विकसित भारत-2047 का संकल्पः डॉ धन सिंह रावत

[t4b-ticker]

Wednesday, September 16, 2026
Homeउत्तराखण्डसेवारत शिक्षकों के टीईटी अनिवार्यता का शीघ्र होगा समाधानः डाॅ. धन सिंह...

सेवारत शिक्षकों के टीईटी अनिवार्यता का शीघ्र होगा समाधानः डाॅ. धन सिंह रावत

देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर पर सेवारत शिक्षकों के लिये शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता का शीघ्र समाधान किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को विभिन्न शिक्षक संगठनों से वार्ता कर सुसंगत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों द्वारा टीईटी की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों के हितों में लेकर लिये गये निर्णयों का अध्ययन करने को भी कहा गया है। विभाग में शिक्षकों के पदोन्नति को लेकर उच्च न्यायालय में चल रहे वाद के शीघ्र निस्तारण के लिये ठोस पैरवी करने निर्देश दिये गये हैं।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज शिक्षा निदेशालय स्थित सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर पर सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता के समाधान को लेकर विभागीय अधिकारियों को ठोस निर्देश दिये। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को विभिन्न शिक्षक संगठनों से टीईटी की अनिवार्यता को लेकर सकारात्मक वार्ता कर सुसंगत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। डाॅ. रावत ने कहा कि राज्य में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पढ़ाने वाले लगभग 20 हजार शिक्षकों की महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिये सभी पहलुओं पर गंभीतरा से विचार किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को अन्य राज्यों द्वारा टीईटी अनिवार्यता के संबंध में लिए गए निर्णयों व अपनाए गये मॉडलों का विस्तृत अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिये।
बैठक में डॉ. रावत ने शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों के पदोन्नति को लेकर उच्च न्यायालय में लम्बित याचिका के शीघ्र निस्तारण को कोर्ट में ठोस पैरवी करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये ताकि जल्द से जल्द शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ दिया जा सके। इसके अलावा डाॅ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को आगामी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) रैंकिंग में राज्य की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए अभी से तैयारी शुरू करने को कहा। उन्होंने लर्निंग आउटकम, गवर्नेंस प्रोसेसेज, शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण सहित विभिन्न मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए राज्य एवं जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। डॉ. रावत ने प्रत्येक विद्यार्थी की कम से कम तीन विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता सुनिश्चित करने, प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षरता की दिशा में आगे बढ़ाने तथा 30 जून तक सभी स्तरों पर विभिन्न संवर्गों के सम्बद्धीकरण (अटैचमेंट) अनिवार्य रूप से समाप्त करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments