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Friday, September 11, 2026
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स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने किया श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जनपद रुद्रप्रयाग के प्रभारी सचिव एवं स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार शुक्रवार को जनपद प्रवास पर पहुंचे। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य जनपद में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और उनके जमीनी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष निरीक्षण करना है। जनपद प्रवास के दौरान डॉ. राजेश कुमार ने मार्ग में पड़ने वाले श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर, चिकित्सालय भवन, वार्डों और विभिन्न विभागों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल में दी जा रही सुविधाओं और उपचार की गुणवत्ता की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने सीटी स्कैन, एमआरआई और कैथ लैब की कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि कैथ लैब का संचालन नियमित रूप से हो, इसके लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं मिलें, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं समय-समय पर अस्पतालों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं और प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
अपने श्रीनगर प्रवास के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मेडिकल कॉलेज परिसर से आयोजित जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और समाज के हर वर्ग को इसके प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि तनावमुक्त जीवन, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और सकारात्मक सोच मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक तत्व हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर कैंप और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज परिसर में एक नए पीआरओ सेंटर का भी उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि यह केंद्र मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए कार्य करेगा, जिससे उन्हें जानकारी प्राप्त करने और समस्याओं के समाधान में मदद मिल सकेगी। उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना को निर्देश दिए कि ओपीडी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने मेडिकल कॉलेज टीम को ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण जनता को भी समय पर स्वास्थ्य जांच और परामर्श मिल सके।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने हाल ही में चर्चा में आए कफ सिरप प्रकरण पर भी स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि ड्रग कंट्रोलर के नेतृत्व में राज्यभर में औषधि विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और संदिग्ध दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी जनपदों में एसओपी का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। जो मेडिकल स्टोर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके लाइसेंस निरस्त किए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का विधानसभा क्षेत्र होने के कारण स्वयं मंत्री जी का इस संस्थान पर विशेष फोकस रहता है। लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी और मानव संसाधन की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को पहाड़ी क्षेत्र का एक मॉडल मेडिकल संस्थान बनाया जाए।
डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक सुधार का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशन में ई-संजीवनी, टेलीमेडिसिन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड का प्रत्येक नागरिक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग निरंतर नीतिगत सुधारों, अवसंरचना विकास और जन जागरूकता पर बल दे रहा है।

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