Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डमुख्य सचिव तक पहुंची बीकेटीसी में 2012 से 2017 के बीच वित्तीय...

मुख्य सचिव तक पहुंची बीकेटीसी में 2012 से 2017 के बीच वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत

देहरादून: मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु तक बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति बीकेटीसी में वर्ष 2012 से 2017 के बीच वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पहुंच गई है I वर्तमान में बीकेटीसी के सदस्य आशुतोष डिमरी की ओर से समिति के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर लगाए गए आरोपों पर कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने मुख्य सचिव को जांच कराने के आदेश दिए हैं।

मंदिर समिति के सदस्य आशुतोष डिमरी ने 2012 से 2017 तक बीकेटीसी के अध्यक्ष रहे गणेश गोदियाल के कार्यकाल में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए हैं। डिमरी ने चमोली जिले के प्रभारी मंत्री डॉ.धन सिंह रावत को शिकायत पत्र देकर जांच कराने की मांग की थी। बीकेटीसी सदस्य की शिकायत के आधार पर प्रभारी मंत्री ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जांच कराने के आदेश दिए हैं।

मंदिर समिति के सदस्य आशुतोष डिमरी का आरोप है कि बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के तत्कालीन अध्यक्ष ने मंदिर अधिनियम 1939 का खुलेआम उल्लंघन करते हुए भगवान के खजाने से करोड़ों लुटा दिए। वर्ष 2015 में मंदिर समिति के पैसों से जनपद टिहरी में एक सड़क बना दी गई।वहीं 2015 में पोखरी में स्थित एक शिवालय का पुनर्निर्माण कराया गया। जो मंदिर समिति के अधीन ही नहीं था। इस मंदिर के निर्माण में बिना निविदा के काम कराया गया।

इस पर 15 लाख रुपये खर्च किए गए। तत्कालीन अध्यक्ष के कार्यकाल में  बिना अनुमति के कई भर्तियां भी कराई गई हैं। बदरीनाथ जी के प्रसाद के लड्डू में भी बड़ा गोलमाल किया गया है। चौलाई के बद्रीश लड्डू का कार्य बिना निविदा के दिया गया है। बीकेटीसी सदस्य डिमरी की शिकायत पर प्रभारी मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने मुख्य सचिव को पत्र भेज कर जांच कराने के आदेश दिए हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments