Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डजंगलों को आग से बचाने के लिए मुख्य सचिव ने दिए नए...

जंगलों को आग से बचाने के लिए मुख्य सचिव ने दिए नए निर्देश

देहरादून: जंगलों को आग से बचाने के लिए मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में पिरुल के निस्तारण व अन्य उपयोगों के सम्बन्ध में बैठक ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जंगलों की आग का मुख्य कारण पिरूल है, जिसके कारण हर साल अनमोल वन संपत्ति का नुकसान हो रहा है। पिरुल के निस्तारण के बाद जंगलों की आग की संभावनाओं को कम किए जाने में मदद मिलेगी साथ ही इससे क्षेत्रीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारीयों को पिरुल के विभिन्न क्षेत्रों में कमर्शियल प्रयोग की संभावनाओं को तलाशे जाने साथ ही पिरुल के प्रयोगों की अन्य संभावनाओं को तलाशे जाने हेतु एक्सपर्ट्स या किसी इंस्टीट्यूशन को लगाए जाने के भी निर्देश दिए|

मुख्य सचिव ने कहा कि पिरुल के ब्रिकेट कोयले के सब्सिट्यूट के रूप में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। जीसके लिए उन्होंने वन विभाग को योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके प्लांट्स राज्य में हाई-वे के आसपास बनाए जाएं ताकि सप्लाई में आसानी हो। साथ ही, ब्रिकेट्स की मार्केटिंग के लिए थर्मल पॉवर प्लांट्स से संपर्क स्थापित किया जाए।

मुख्य सचिव ने छोटे ब्रिकेट प्लांट के लिए स्वयं सहायता समूहों को जोड़ते हुए छोटी योजनाएं संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के संचालन के लिए साप्ताहिक मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्य सचिव ने पूर्व में संचालित पिरुल से बिजली बनाए जाने वाले प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता की जांच किए जाने के भी निर्देश दिए। साथ ही मुख्य सचिव ने उत्तरकाशी में संचालित हो रहे पिरुल से बिजली उत्पादन के लिए लगाए गए प्लांट का स्वयं भी प्लांट में जाकर निरीक्षण करने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम एवं डॉ. पंकज पाण्डेय सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments