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Thursday, July 23, 2026
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पीएमएचएस की सरकार से मांग, पर्वतीय क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों को 50 प्रतिशत दिया जाए भत्ता

देहरादून: प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ (पीएमएचएस) ने पर्वतीय मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं देने वाली फैकल्टी को 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता देने के फैसले पर अप्पति जताई है। संघ ने पर्वतीय क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों को 50 प्रतिशत और एमबीबीए, बीडीएस चिकित्सकों को 20 प्रतिशत पर्वतीय भत्ता दिए जाने कि मांग की है।

मंगलवार को संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. मनोज वर्मा की अध्यक्षता में आपात बैठक हुई। बठक में बताया गया कि पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती अलग-अलग माध्यम से की जाती है। टीएनएम से आउटसोर्स पर तैनात विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रतिमाह दो से तीन लाख रुपये का वेतन दिया जा रहा है। वहीं पीपीपी मोड के अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों को भी प्रतिमाह दो से तीन लाख रुपये का वेतन मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि अब मेडिकल कालेजों में कार्यरत चिकित्सकों को भी प्रतिमाह डेढ़ से ढाई लाख रुपये तक का वेतन दिया जाएगा| जबकि स्वास्थ्य विभाग के तहत सेवा दे रहे चिकित्सक जो कि जिला चिकित्सालयों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक तैनात हैं और अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं| उन्हें सुविधाओं से वंचित रखा गया है। ये चिकित्सक पोस्टमार्टम, वीआईपी ड्यूटी से लेकर आपातकालीन सेवाएं दे रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कोरोनाकाल में भी सरकार के हर आदेश का पालन करते हुए कंधा से कंधा मिलाकर लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाया। राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सूचकांकों में सुधार के लिए भी वह दिन-रात काम कर रहे हैं। पर इन विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार से संघ क्षुब्ध व आक्रोशित है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी चिकित्सक पीजी करते हैं तो उनका वेतन भी आधा कर दिया जा रहा है।

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