Latest news
23 अक्टूबर से उत्तराखण्ड में फिर मौसम के करवट लेने के आसार देहरादून में पहली बार नए और भव्य परिसर में होगा विरासत महोत्सव पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम धामी ने की कई घोषणाएं, 1600 पदों को जल्द भरने का ऐलान स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के तह्त शहर में चला विशेष सफाई अभियान, 40 टन कूड़ा उठाया गया राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा संपूर्ण कायाकल्प केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर किया हवन एवं कन्या पूजन सिमोग में दशहरा पर्व समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री महाराज पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गईंः सीएम मुख्यमंत्री बन्नू बिरादरी द्वारा परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव में हुए शामिल

[t4b-ticker]

Thursday, October 22, 2026
Homeउत्तराखण्डखंड स्तरीय शिविर का आयोजन कर यात्रा में संचालित घोड़ा-खच्चर मालिकों का...

खंड स्तरीय शिविर का आयोजन कर यात्रा में संचालित घोड़ा-खच्चर मालिकों का किया जायेगा पंजीकरण

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम यात्रा के सफल संचालन हेतु यात्रा मार्ग में संचालित होने वाले घोड़ा-खच्चर मालिकों, हाॅकरों व श्रमिकों को यात्रा से पूर्व लाईसेंस व पंजीकरण उपलब्ध कराए जाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में विकास खंड स्तरीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत प्रेम सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 मार्च को विकास खंड जखोली के छेनागाड़ से आयोजित होने वाले उक्त शिविरों हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि रोस्टर वार आयोजित होने वाले शिविर कार्यक्रम के अनुसार 23 मार्च को विकास खंड अगस्त्यमुनि के नागजगई में, 25 मार्च को चंद्रापुरी में 01 अप्रैल को नैनी पौंडार तथा 4 अप्रैल को बांसवाड़ा में शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इसी तरह विकास खंड ऊखीमठ के नारायणकोटी में 24 मार्च, कालीमठ व जालमल्ला में 27 मार्च, मैखंडा व बड़ासू में 28 मार्च तथा खुमेरा व जाखधार में 29 मार्च को शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा 30 मार्च को साल्या व ल्वारा, 31 मार्च को गौरीकुंड व सीतापुर, 2 अप्रैल को राऊंलेक, 4 को मनसूना तथा 6 अप्रैल को त्रिजुगीनारायण व सिरसौली में शिविर आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल से सोनप्रयाग व गौरीकुंड कैम्प कार्यालय से पंजीकरण व लाईसेंस का कार्य संपादित किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा स्वास्थता प्रमाण-पत्र जारी होने के उपरांत ही घोड़े-खच्चर मालिकों, हाॅकरों एवं डंडी-कंडी श्रमिकों के पंजीकरण व लाईसेंस निर्गत करना सुनिश्चित करें। साथ ही एसओपी के अनुसार पहचान हेतु आवश्यक दस्तावेज भी प्राप्त कर लिए जाएं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments