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Thursday, July 23, 2026
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वैदिक परंपराओ के साथ शुरू हुआ बाबा रामदेव का युवा सन्यासी बनाने का कार्यक्रम

हरिद्वार: योगगुरु बाबा रामदेव रामनवमी के अवसर पर 100 युवाओं को संन्यास की दीक्षा देंगेI महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि आरएसएस प्रमुख मोहन पहुंचे हैं। बाबा रामदेव द्वारा यह दूसरा संन्यास दीक्षा कार्यक्रम है। इसमें 40 स्त्रियों और 60 पुरुषों को सन्यास दीक्षा व 500 लोगों को ब्रह्मचर्य की दीक्षा दी जा रही है।

स्वामी रामदेव ने भावी संन्यासियों से कहा कि हम सनातन धर्म के पुराधाओं की शृंखला तैयार कर महर्षि दयानन्द के स्वप्न को साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि पतंजलि के माध्यम से स्वास्थ्य एवं शिक्षा का बहुत बड़ा आंदोलन चलाया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय शिक्षा बोर्ड, पतंजलि गुरुकुलम्, आचार्यकुलम्, पतंजलि विश्वविद्यालय, पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के माध्यम से शिक्षा क्रांति का शंखनाद हो गया है। इस कार्य में पतंजलि के संन्यासियों की भूमिका अहम रहेगी।

उन्होंने कहा कि स्वदेशी शिक्षा तंत्र का महर्षि दयानन्द, स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और सभी क्रांतिकारियों का सपना आजादी के 75 वर्ष बाद पतंजलि पूरा कर रहा है। देश स्वतंत्र हो गया लेकिन शिक्षा और चिकित्सा तंत्र अपना नहीं है। गुलामी की रस्मों एवं निशानियों को मिटाना है। यह कार्य संन्यासी ही कर सकते हैं। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि संन्यास मार्ग मोक्ष प्राप्ति का सरलतम साधन है। 

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