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Sunday, September 6, 2026
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जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्द्धन को लेकर जनपद रुद्रप्रयाग में मुहीम तेज

-जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने की अधिकारीयों संग बैठक

रुद्रप्रयाग: जनपद में जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संवर्द्धन को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बैठक के दौरान जल शक्ति केंद्रों के निर्माण व संरक्षण करने पर जोर दिए जाने की बात कहीI

मंगलवार को जिला कार्यालय एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बताया कि भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में जिले में जल शक्ति केंद्रों की स्थापना की जानी हैI जिसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में जल स्तर कम हो रहा है व पुराने जल स्रोतों के संवर्द्धन एवं जीर्णोद्धार और वर्षा के जल को संरक्षित करने के लिए जो भी कार्य योजना तैयार की जानी है इसके लिए सभी अधिकारी तत्परता से कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने आगामी मानसून के मध्यनजर प्रथम चरण के लिए 31 जुलाई, 2023 तक के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिएI वहीं जल शक्ति केंद्र स्थापना के लिए आवश्यक कार्यवाही करते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के भी निर्देश अधिकारीयों को दिए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में व्यापक जल डेटा बेस और जल संसाधन पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का आंकलन करने, जल संरक्षण, वृद्धि और संरक्षण के लिए नागरिक कार्यों को बढ़ावा देने, अधिक शोषित व कमजोर क्षेत्रों पर ध्यान देने आदि सभी कार्य वैज्ञानिक पद्धति से किए जाएं। इसके लिए विशेषज्ञों का भी सहयोग लिया जाए। कहा कि जल शक्ति अभियान को सफल बनाने व जल संचय, संरक्षण एवं संवर्द्धन के प्रति जागरुकता लाने के लिए आम जनमानस की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मेढ़ पर नैपियर घास, स्रोत के आस पास की बंजर भूमि पर खुदाई कार्य, रिचार्ज पिट, चैकडैम आदि कार्य से स्रोत को संरक्षित व रिचार्ज करने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, अधिशासी अभियंता सिंचाई पीएस बिष्ट, केदारनाथ राजेश नौटियाल, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र सिंह बिष्ट, जिला उद्यान अधिकारी योगेंद्र सिंह चौधरी,अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई दीपांकर भारती, मत्स्य निरीक्षक संजय बुटोला, सहायक अभियंता जल संस्थान रेवत सिंह रावत सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

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