Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डमानसून आने के बाद नैनीताल में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन समाप्त

मानसून आने के बाद नैनीताल में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन समाप्त

नैनीताल: मानसून आने के बाद नैनीताल में अब ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन करीब-करीब समाप्त हो चुका है। होटल-रेस्टोरेंट में सीजनल स्टाफ की कटौती हो गयी है। सीजन में पहाड़ से काम के सिलसिले में आए युवा भी लौटने लगे हैं। गाइड-टैक्सी सहित घुमंतू दुकानदारी भी सिमट गई है।

चिड़ियाघर से लेकर केव गार्डन, रोपवे, झील में नौकायन करने वाले पर्यटकों की संख्या में गिरावट आ गई है। पुलिस ने भी रूसी बाईपास में व्यवस्थाओं को समेटना शुरू कर दिया है। अब बर्फबारी के सीजन में एक बार फिर से पर्यटन बढ़ेगा।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार इस सीजन में ढाई सौ करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ।

सरोवर नगरी सहित पंगोट, किलबरी, मंगोली से घटगढ़ तक, बल्दियाखान से ज्योलीकोट तक, भवाली रोड में भूमियांधार, गेठिया तक में डेढ़ हजार से अधिक होटल-रिजार्ट, गेस्ट हाउस, होम स्टे तथा रेस्टोरेंट संचालित हैं। नैनीताल शहर में 331 पंजीकृत जबकि दो सौ के करीब अवैध होटल-गेस्ट हाउस हैं। पार्किंग की कमी की वजह से रूसी बाईपास लेकर नारायण नगर, खुर्पाताल में पर्यटक वाहनों को पार्क किया गया। जिससे इस क्षेत्र में भी छोटे-बड़े पर्यटन कारोबार में भी बूम आया। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि वीकेंड का पर्यटन चलता रहेगा।

शहर में पार्किंग की कमी से लेकर करीब पांच दिन तक एक बड़े हिस्से में पानी के संकट ने भी करीब 50 होटलों सहित अन्य पर्यटन कारोबार को प्रभावित किया। इधर इस सप्ताह के शुभारंभ से पर्यटकों की आमद में एकाएक गिरावट आ गई। होटल कारोबारियों के अनुसार अब कमरों के रेट में 25 से 50 प्रतिशत तक की कमी आ गई है। होटलों में सीजन में चार हजार वाला कमरा अब डेढ़ दो हजार में आसानी से मिल रहा है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments