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Sunday, September 6, 2026
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चमोली एसटीपी प्लांट घटना की मजिस्ट्रियल जांच पूरी, तीनों कम्पनियां ब्लैकलिस्ट

-विघुत विभाग व जल संस्थान के कर्मचारियों पर भी होगी कार्यवाही

देहरादून: चमोली करंट की घटना की मजिस्ट्रियल जांच पूरी होने के बाद की गयी संस्तुति में तीनों कम्पनियों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया हैI इसके अलावा कंपनियों द्वारा जमा की गयी 110.75 लाख की धनराशि भी जब्त की जायेगीI वहीं इस प्रकरण में आपसी सामंजस्य न रखने पर विघुत विभाग व जल संस्थान के कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ भी कार्यवाही की संस्तुति की गयी है।

19 जुलाई को चमोली के नमामि गंगे के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में करंट लगने से 16 लोगों की मौत हो गयी थी व 12 अन्य गम्भीर रूप से घायल हो गये थे। घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की मजिस्ट्रिीयल जांच के आदेश किये थे। जिसके बाद जिलाधिकारी चमोली ने अपर जिला मजिस्ट्रेट डा. अभिषेक त्रिपाठी को मामले की जांच सौंप दी थी। जांच के दौरान एडीएम ने 39 लोगों के बयान दर्ज करने व अन्य साक्ष्यों के बाद अपनी जांच आख्या सौंप दी।

जांच में यह बात सामने आयी लापरवाहियों के चलते नमामि गंगे के अन्तर्गत काम कर रही वेंचर फर्म पटीयाला व कान्फिडेंस इंजीनिरिंग प्राइवेट लिमिटेड के अनुबन्ध को निरस्त कर उनको ब्लैक लिस्ट किये जाने की संस्तुति की गयी है। साथ ही भास्कर महाजन की फर्म एक्सिस पावर कंट्रोल्स को भी राज्य में ब्लैक लिस्ट किये जाने के साथ ही पूरे भारतवर्ष में भी ब्लैक लिस्ट किये जाने की संस्तुति की गयी है। इसके अलावा अनुबंध की शेष अवधि में अनुबंध के अधीन समस्त सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों के आपरेशन और मेन्टिनेंस पर आने वाले खर्च, मरम्मत इत्यादि पर होने वाले कुल व्यय को उक्त ज्वांइट वेंचर फर्म से भू राजस्व की भांति वसूल किये जाने की संस्तुति की गयी व ज्वांइट वेंचर फर्म द्वारा उत्तराखण्ड पेयजल निगम को दी गयी 110.75 लाख की बैंक गारंटी को तत्काल प्रभाव से जब्त करने की संस्तुति की गयी है।

घटना की मुख्य जिम्मेदार ज्वाइंट वेंचर फर्म व एक्सिस पावर कंट्रोल्स के विरूद्ध विधि अनुकूल दंडात्मक कार्यवाही किये जाने की संस्तुति की गयी। विघुत विभाग एवं जल संस्थान के कार्मिकों के मध्य आपसी सामंज्य के अभाव के कारण घटित भीषण दुर्घटना हेतु जिम्मेदार कार्मिकों के विरूद्ध भी विधि अनुकूल कार्यवाही करने की भी संस्तुति की गयी।

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