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Thursday, October 22, 2026
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सीएम धामी ने की केन्द्र पोषित योजनाओं एवं बाह्य सहायतित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक

–शासन स्तर पर बनायें मॉनिटरिंग सेल

-विकास कार्यों में की जाए शत प्रतिशत धनराशि खर्च

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्र पोषित योजनाओं एवं बाह्य सहायतित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक कीI इस दौरान सीएम ने अधिकारियों को योजनाओं की निगरानी के लिए शासन स्तर पर एक मॉनिटरिंग सेल बनाये जाने, विकास कार्यों में शत प्रतिशत धनराशि खर्च किए जाने को लेकर विभागाध्यक्ष एवं सचिव की जिम्मेदारी तय किए जाने समेत कई अहंम निर्देश दिएI

शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य में संचालित केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत केन्द्र सरकार से प्राप्त होने वाली धनराशि का विकास कार्यों में शत प्रतिशत धनराशि खर्च किया जाए। इसके लिए विभागाध्यक्ष एवं सचिव की जिम्मेदारी तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत निगरानी के लिए शासन स्तर पर एक मॉनिटरिंग सेल बनाया जाय। विभाग द्वारा केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजे जाने तथा प्रस्ताव पर स्वीकृति के बाद विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाय।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि केन्द्रपोषित योजनाओं के तहत योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए किसी भी विभाग को कोई समस्या आ रही है तो मुख्यमंत्री कार्यालय को समस्या से शीघ्र अवगत कराया जाय। समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जायेगा। यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि विभिन्न विकास योजनाओं के तहत केन्द्र सरकार से धनराशि स्वीकृत होने के बाद फाइल अनावश्क रूप से शासन में लंबित न रहे। विभागीय सचिव अपने स्तर से स्वीकृत धनराशि जारी करें। कहा कि केन्द्र पोषित योजनाओं का राज्य को पूरा फायदा मिल सके, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। सभी विभाग योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की दिशा में अपनी ओर से बेस्ट परफार्मेंस दें। ग्राम्य विकास विभाग के तहत जिन केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत कार्य हो रहे हैं, मार्च 2024 तक विभाग ने इसके लिए क्या प्लान बनाया है, वह प्लान प्रस्तुत किया जाए।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अवस्थापना विकास से सबंधित कार्यों में तेजी लाई जाय। कार्यदाई संस्थाओं के चयन के लिए विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद चयन प्रक्रिया अविलम्ब प्रारम्भ कराई जाये, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब न हो। राज्य की कार्यदाई संस्थाओं को पहले प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान 50 करोड़ रूपये से अधिक बजट की 22 विभागों की 42 केन्द्र पोषित योजनाओं की समीक्षा की। बाह्य सहायतित योजनाओं के कार्यों में भी और तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, दीपेन्द्र चौधरी, डॉ. आर. राजेश कुमार, चन्द्रेश कुमार यादव, विजय कुमार यादव, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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