Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डरेरा एक्ट को लेकर फूटा किसानों का गुस्सा

रेरा एक्ट को लेकर फूटा किसानों का गुस्सा

हल्द्वानी: रेरा एक्ट के खिलाफ रविवार को सैकड़ों की तादाद में किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ सड़क पर उतर आए। किसान रैली निकाल रेरा एक्ट के खिलाफ सरकार और प्रशासन के प्रति अपना विरोध रैली निकाल कर जाहिर करना चाह रहे थे, लेकिन प्रशासन ने हल्द्वानी मंडी के पास किसानों के ट्रैक्टरों को रोक दिया।

इस दौरान किसानों की पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। किसानों की नाराजगी इस बात को लेकर भी थी कि उन्हें प्रापर्टी डीलर कहा जा रहा है और उन्हें गुमराह किया जा रहा है। लगभग तीन घंटे से भी ज्यादा किसान मंडी के पास जमे रहे और रैली निकालने की बात कहते रहे मगर प्रशासन ने अनुमति नहीं दी।

इधर किसानों के साथ कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश समेत तमाम कांग्रेसी भी उन्हें समर्थन देने पहुंचेI किसानों ने आरोप लगाया कि 400 ट्रैक्टरों की परमिशन दिए जाने के बावजूद ट्रैक्टर रैली शहर में नहीं निकालने दी गई। प्राधिकरण के रेरा एक्ट के तहत उनकी जमीनों को बेचने का उनका अधिकार छीना जा रहा है। किसानों ने प्राधिकरण के रेरा एक्ट के आधार पर उनका उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए कई घंटे तक प्रदर्शन किया और इस दौरान पूरा यातायात बाधित रहा।

वहीं सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह का कहना है कि रैली को रोका नहीं गया है। केवल ट्रैक्टरों के शहर में प्रवेश करने को मना किया गया है। ताकि शहर में जाम की स्थिति न हो। वहीं किसानों की रेरा को लेकर जो भी भ्रांतियां हैं उसे एक वर्कशाप के माध्यम से दूर किए जाने के प्रावधान को लेकर किसानों को बैठकर शांति से पहले रेरा के नियमों को समझना होगा। बहरहाल कई घंटे चले इस प्रदर्शन का अंत मंडी से लेकर गांधी स्कूल तक पद यात्रा से हुआ। जिसमें तमाम किसानों ने नारेबाजी करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments