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Thursday, October 22, 2026
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मुख्यमंत्री ने श्रम सहिंताओं के व्यवहारिक क्रियान्वयन पर ध्यान देने को कहा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में उद्यमियों से बेहतर सम्बन्ध तथा श्रमिकों का उनके हित में संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिये जाने पर ध्यान देने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों एवं श्रमिकों के अच्छे संबंधों से राज्य में औद्योगिक वातावरण के सृजन तथा व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने श्रम सहिंताओं के व्यवहारिक क्रियान्वयन पर ध्यान देने को कहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड/25 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए श्रम विभाग द्वारा तैयार की गई अल्प, मध्य एवं दीर्घकालिक रोडमैप की समीक्षा करते हुए व्यापार के सरलीकरण हेतु अनावश्यक रूप से निरीक्षण की व्यवस्था को कम करने पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से कार्य करने वालो को पूरा संरक्षण दिया जाए।मुख्यमंत्री ने असंगठित कामगारों के पंजीकरण तथा उन्हें भी संचालित विभिन्न योजनाओं के एकीकरण के साथ लाभ दिये जाने की भी योजना अमल में लाए जाने की बात कही। उन्होंने उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों एवं कामगारों को दी जाने वाली सुविधाओं के व्यापक प्रचार प्रसार पर भी ध्यान देने को कहा ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभान्वित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि प्रदेश में आने वाले समय मंे निवेश के दृष्टिगत और अधिक उद्योगों की स्थापना होनी है। इसके लिये उनकी आवश्यकता के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन की उपलब्धता के लिए श्रम विभाग तथा कौशल विकास विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ योजना बनायें। श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिये मुख्यमंत्री ने श्रमिक चौपालों के आयोजन पर भी ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को पलम्बर, फीटर, इलेक्ट्रीशियन आदि कार्यों के लिए आवासीय सुविधा युक्त प्रशिक्षण की व्यवस्था हेतु आई टी आई को सुविधा सम्पन्न बनाया जाए तथा उनका डाटाबेस तैयार कर सभी जनपदों में इसकी व्यवस्था बनायी जाए। विभागीय स्तर पर इसकी नियमित रूप से मॉनिटिरिंग भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा एवं कोटद्वार में ई.एस.आई हॉस्पिटल खोलने के लिए केन्द्रीय मंत्री द्वारा सहमति प्रदान की गई है। इसका प्रस्ताव भी शीघ्र तैयार करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।बैठक में बताया गया है कि राज्य में कुल पंजीकृत कारखानों की संख्या 3652 है, जिनमें लगभग 13,000,00 कर्मचारी कार्यरत है। पंजीकृत दुकानों की संख्या 69,126 है जिनमें लगभग 3,10,000 कर्मचारी नियोजित है। कर्मचारी राज्य बीमा योजना श्रम चिकित्सा सेवाएं के अधीन बीमांकितो की संख्या 6,59,060 तथा लाभार्थियों की संख्या 26,36,240 है। योजना 06 जनपदों में 34 औषधालयों के माध्यम से प्राथमिक उपचार की व्यवस्था है जबकि 64 अनुबन्धित चिकित्सालयों डायग्नोस्टिक पैथॉलोजी सेन्टर के द्वारा बीमांकित व उनके आश्रितों का नगद रहित चिकित्सा उपचार की व्यवस्था है। प्रदेश में ई-श्रम पोर्टल आरम्भ किया गया है तथा राज्य में 31,50,240 कामगारों के पंजीकरण का लक्ष्य है। जबकि राज्य में दिनांक 22 अगस्त, 2023 तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत कामगारों की संख्या 29,89,969 है। बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, श्रमायुक्त दीप्ति सिंह, अपर श्रमायुक्त अनिल पेटवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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