Latest news
पुल के अधूरे निर्माण से बनी बाढ़ की स्थिति, गुस्साए लोगों ने एई के मुंह पर पोती मिट्टी अल्मोड़ा भाजपा ने तैयार किया सेवा और संगठन की मजबूती का रोडमैप गढ़वाल सभा का दस दिवसीय उत्तराखंड कौथिग 24 अक्टूबर से दून में होगा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने लिया मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में सर्राफ मंडल की एग्जीबिशन का किया अवलोकन हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगाः सीएम युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण

[t4b-ticker]

Monday, September 7, 2026
Homeउत्तराखण्डपुनर्वास पैकेज का पीएमओ की निगरानी में क्रियान्वयन से बनेगा सुरक्षित और...

पुनर्वास पैकेज का पीएमओ की निगरानी में क्रियान्वयन से बनेगा सुरक्षित और भव्य जोशीमठः महेंद्र भट्ट

देहरादून। भाजपा ने जोशीमठ के लिए केंद्र से पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति के बाद पीएमओ की निगरानी में सुरक्षित और भव्य जोशीमठ बनने का भरोसा जताया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जोशीमठ आपदा पुनर्वास पैकेज को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रशासन ने स्थानीय लोगों, विशेषज्ञों और तकनीकी ऐजेंसियों की रिपोर्टों के आधार पर प्रदेश सरकार को पुनर्वास पैकेज को लेकर आगणन भेजा गया था । जिसे विचार विमर्श के उपरांत भारत सरकार को भेजा गया था। उसके आधार पर जोशीमठ पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने आर्थिक पैकेज स्वीकार किया है।
वर्तमान आर्थिक मदद क्षेत्र विशेष के लिए किये गए अब तक का सर्वश्रेष्ठ पैकेज है। उन्होंने बताया कि पुनर्वास का यह पूरा कार्य प्रधानमंत्री कार्यालय की मॉनिटरिंग में प्रदेश सरकार द्वारा कराया जाएगा। इस प्रक्रिया में जो भी कार्य किए जाएंगे वह पूर्णतया विशेषज्ञों व तकनीकी जानकारों की देखरेख एवं सुझाव अनुशार किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि पीएम मोदी की निगरानी और सीएम धामी के नेतृत्व में शीघ्र ही सुरक्षित और भव्य जोशीमठ सबके सामने होगा।
श्री भट्ट ने पैकेज पर सवाल खड़ा करने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि यह वही लोग हैं जो आपदा के लिए सामरिक महत्व की परियोजनाओं को जिम्मेदार ठहराकर देश का नुकसान करना चाहते थे, लेकिन शीर्ष विशेषज्ञ संस्थानों की सामूहिक रिपोर्ट के बाद इनकी पोल खुल गई है । जोशीमठ के लोगों की चिंता स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को है, लिहाजा पुनर्वास कार्यों के क्रियान्वयन के उपरांत इस पैकेज पर सवाल खड़ा करने वालों को निश्चित रूप से जवाब मिलना तय है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments