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Sunday, September 6, 2026
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एचआईएचटी में मनाया गया डॉ. स्वामी राम का 28वां महासमाधि दिवस

डोईवाला/देहरादून। एचआईएचटी संस्थापक डॉ. स्वामी राम जी का 28वां महासमाधि दिवस समारोह भव्यता के साथ मनाया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि पद्मश्री स्वामी भारत भूषण (योगी) ने कहा कि एचआईएचटी संस्थापक डॉ. स्वामी राम जी विश्व की धरोहर हैं। स्वामी जी मानवता सेवा के वह संवाहक रहे। सोमवार को एचआईएचटी संस्थापक डॉ.स्वामीराम के 28वें महासमाधि दिवस पर आयोजित समारोह में पद्मश्री स्वामी भारत भूषण (योगी) ने कहा कि ‘प्रेम, सेवा व स्मरण’ की मूल भावना के उद्देश्य से डॉ.स्वामी राम ने 1989 में हिमालयन इंस्टिट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट (एचआईएचटी) की स्थापना की।  एचआईएचटी के अध्यक्षीय समिति के सदस्य व स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट के कुलाधिपति डॉ.विजय धस्माना ने संस्थापक डॉ. स्वामी राम से जुड़े संस्मरणों को साझा किया। इसके साथ ही एचआईएचटी के गौरवमयी इतिहास पर प्रकाश डाला। डॉ.धस्माना ने कहा कि संस्थान स्वामी जी के उद्देश्य के अनुसार ही जन सेवा के पथ पर अग्रसर है।
सामाजिक कार्यों को समर्पित संस्था ‘तरुण भारत संघ, अलवर, राजस्थान’ को ‘स्वामी राम मानवता पुरस्कार-2023’से सम्मानित किया गया। पुरस्कार के रुप में संस्था को दस लाख रुपए, एक स्वर्ण पदक और एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। तरुण भारत संघ के संस्थापक डॉ.राजेंद्र सिंह ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। समारोह में संस्थान से जुड़े 35 कर्मचारियों को ‘उत्कृष्ट कर्मचारी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इस दौरान एचआईएचटी के वार्षिक कैलेंडर-2024 का विमोचन भी किया गया। समारोह के आखिर में प्रति कुलपति डॉ.विजेंद्र चैहान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके बाद दोपहर में आयोजित भंडारे में करीब चार हजार लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पहले स्वामी राम सेंटर में ट्रस्ट के संस्थापक ब्रह्मलीन डॉ.स्वामीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान स्वामी राम साधक ग्राम के प्रमुख स्वामी ऋतुवान भारती, पूर्व कुलाधिपति डॉ. मोहन स्वामी, विक्रम सिंह, कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, डॉ. प्रकाश केशवया, डॉ. रेनू धस्माना, डॉ. सुनील सैनी, कुलसचिव डॉ.सुशीला शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एसएल जेठानी, डॉ.अशोक देवराड़ी, डॉ. मुश्ताक अहमद आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्योति द्विवेदी ने किया।
वर्ष 2003 से हिमालयन इंस्टिट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट (एचआईएचटी) देशभर में आर्थिक, पर्यावरण, विज्ञान संबंधी, सामाजिक व आध्यात्मिक क्षेत्र में समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली किसी एक प्रतिष्ठित संस्था अथवा व्यक्ति को स्वामी राम मानवता पुरस्कार प्रदान कर रहा है। एचआईएचटी के अध्यक्षीय समिति के सदस्य व एसआरएचयू जॉलीग्रांट के कुलाधिपति डॉ.विजय धस्माना ने बताया कि इस वर्ष स्वामी राम मानवता पुरस्कार-2023 सामाजिक कार्यों को समर्पित संस्था ‘तरुण भारत संघ, अलवर, राजस्थान’ को ‘स्वामी राम मानवता पुरस्कार-2023’से सम्मानित किया गया। पुरस्कार के रुप में संस्था को दस लाख रुपए, एक स्वर्ण पदक और एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। तरुण भारत संघ के संस्थापक डॉ.राजेंद्र सिंह ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। यह सम्मान पर्यावरण व जल संरक्षण, जैविक खेती सहित ग्राम स्वाराज्य के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। तरुण भारत संघ की स्थापना वर्ष 1975 में की गई। पानी की किल्लत से जूझ रहे करीब 1000 गांवों में पानी पहुंचाने में कामयाब रहा है। उनकी इस उपलब्धि के लिए संस्थापक डॉ.राजेंद्र सिंह को ‘भारत के जलपुरुष’ के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान सहित महाराष्ट्र और कर्नाटक में 13 नदियों के पुनरुद्धार के साथ 1200 से अधिक गांवों को जल-सुरक्षित बनाने के लिए 13,800 जल संरचनाओं का निर्माण करवाया। वर्ष 2015 में 60 देशों में जल नैतिकता, न्याय और विश्व शांति यात्रा का शुभारंभ किया। इन उपलब्धियों के लिए वर्ष 2001 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, 2015 में नोबेल पुरस्कार के बराबर स्टॉकहोम वाटर अवार्ड, 1018 में यूनाइटेड किंगडम में हाउस ऑफ कॉमन्स से अहिंसा पुरस्कार, 2019 में यूएसए में अर्थ रिपेयर अवार्ड और 2019 में पृथ्वी भूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया।

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