Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डमुख्य सचिव ने पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना की प्रगति...

मुख्य सचिव ने पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना की प्रगति की समीक्षा की

देहरादून। मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागीय मुखियाओं को अच्छे प्रोजेक्ट्स तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य को मिले लक्ष्य के अनुरूप विभागों द्वारा प्रस्ताव न आने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है इसके बावजूद विभाग प्रस्ताव नहीं भेज पा रहे हैं, यह स्थिति ठीक नहीं है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के हर बड़े शहर में ऑडिटोरियम, इन्डोर एवं आउटडोर स्टेडियम बनाए जाएं। उन्होंने खेल सुविधाओं के लिए पूरे प्रदेश का मास्टर प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि प्राथमिकताएं तय करते हुए अगले 5-10 सालों का प्लान तैयार किया जाए। प्रदेश के रिवर फ्रंट डेवेलपमेंट की योजनाओं के लिए पर्यटन विभाग को एंकर विभाग बनाया जाए ताकि रिवर फ्रंट डेवेलपमेंट के कार्यों को पर्यटन की दृष्टि से तैयार किया जा सके। मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को स्कूलों में विद्यालय भवनों, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय आदि निर्माण में तेजी लाते हुए शीघ्र प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों द्वारा योजना की अगली किस्त के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र दिए जाने हैं, शीघ्र उपयोगिता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएं। एस.ए.एस. योजनाओं की तकनीकी मूल्यांकन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि केन्द्र द्वारा दी जा रही विशेष सहायता का लाभ राज्य को मिल सके। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, एस. एन. पाण्डेय सहित अन्य विभागीय उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments