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Thursday, June 11, 2026
Homeउत्तराखण्डकांग्रेस के केंद्रीय संस्थानों के राज्य से पलायन के आरोप बेबुनियादः चौहान

कांग्रेस के केंद्रीय संस्थानों के राज्य से पलायन के आरोप बेबुनियादः चौहान

देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा द्वारा केंद्रीय संस्थानों के राज्य से पलायन के आरोपों को बेबुनियाद एवं आधारहीन बताया है। प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा है कि कांग्रेस पहले परियोजनाओं के खिलाफ आंदोलन करती है फिर उनके धीमे निर्माण पर सवाल खड़ा करना उसका दोहरा मापदंड है। उन्होंने तंज किया कि कांग्रेस अपनी डबल इंजन सरकार में एक नए पैसे का निवेश नहीं किया, उसके लिए इंवेस्टर समिट मे हुए ढेड़ लाख करोड़ रुपए के एमओयू की ग्राउंडिग होने पर विश्वास करना मुमकिन नही है।
चौहान ने कहा कि राज्य मे विद्युत परियोजनाओं को लेकर कांग्रेस के दावे आधारहीन हैं। नये प्रोजेक्ट जल्दी ही अस्तित्व मे आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीएमओ से जुड़ी 44 परियोजनाओं को केंद्र के समुख रख चुकी है और इनमे 21 जल विद्युत परियोजनाएं ऐसी है जिन पर कोई विवाद नही है और उन्हे वन एवं पर्यावरण मंत्रालय तथा सुप्रीम कोर्ट की एक्सपर्ट कमेटी की ओर से हरी झंडी मिल चुकी है। 669.30 मेगावाट की 10 परियोजनाओं को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी मे बनी एक्सपर्ट कमेटी हरी झंडी दे चुकी है। वहीं 1154.30 मेगावाट की 11 परियोजनाओं को पर्यावरण मंत्रालय की क्लिएरेंस मिल चुकी है।
चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर पलटवार कर कहा कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के अधिकांश आरोप अज्ञानतावश, आधी अधूरी जानकारी या भ्रम फैलाने की मंशा पर आधारित होते हैं । वह जिन नवरत्न कंपनियों के पलायन की झूठी एवं आधारहीन बात कर रहे हैं, उनके द्वारा क्रियानवित सभी प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रदेश में परियोजनाओं को लेकर दोहरी राजनीति कर रही है। जोशीमठ से लेकर अनेकों स्थान हैं जहां तात्कालिक परिस्थितियों का राजनैतिक लाभ लेने के लिएं कांग्रेस परियोजनाओं का विरोध करती रही है।
उनके द्वारा जमरानी, किसाऊ और लखवाड़ व्यासी जैसी परियोजनाओं को दशकों तक रोकने का काम किया गया जो राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना सकते थे । वहीं पीएम मोदी ने एक के बाद एक लगातार वर्षों से लंबित इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया है । कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों से उलट एक सच्चाई यह भी है कि प्रदेश की अधिकांश परियोजनाओं को मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों से केंद्रीय पर्यावरण नियमों से छूट की सैद्धांतिक सहमति मिल गई है, जिन पर नई सरकार में आगे बढ़ना तय है। उन्होंने औधौगिक निवेश को लेकर कांग्रेस को कटघरे मे खड़ा करते हुए कहा कि कांग्रेस के हाथ निवेश के मामले मे खाली रहे हैं और जो औधौगिक पैकेज अटल सरकार ने दिया था उसे भी ल यूपीए सरकार ने छीन लिया था । सत्ता में रहते कांग्रेस ने ऐसा कोई प्रयास नही किया और न ही इनकी कभी ऐसी नीयत रही है। इस सच्चाई को वे भी जानते हैं लेकिन सिर्फ भ्रम फैलाने और नकारत्मक राजनीति करने के लिए आधारहींन आरोप लगाने पर आमादा रहते हैं। चौहान ने कहा कि राज्य मे 10 वर्षों मे 2 लाख करोड़ से अधिक की योजनाएं धरातल पर गतिमान है और इससे कांग्रेस के कार्यकाल मे इसका 15 प्रतिशत भी नही हुआ। उन्होंने कहा कि सड़क, वायु क्नेक्टिविटी से लेकर राज्य आज पर्यटन के मानचित्र पर विश्व पटल पर उभर कर आया है। जनता कांग्रेस की हकीकत को समझ चुकी है और उसके किसी भी कथन पर अब विश्वास नही है।

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