Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डखाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने को बनाई जाए ठोस योजना: मुख्य सचिव

खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने को बनाई जाए ठोस योजना: मुख्य सचिव

-मिलावट से संबंधित मामलों की फास्ट ट्रैक में हो सुनवाई

देहरादून: मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने गुरुवार को सचिवालय में खाद्य पदार्थों में मिलावट के सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए ठोस योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरों को एहसास कराना आवश्यक है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने टेस्टिंग लैब निर्माण में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही, खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए अभियान चलाए जाएं। यह अभियान सिर्फ त्यौहारी सीजन को देखते हुए न हो, बल्कि इसे नियमित आधार पर चलाया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि फूड एडल्ट्रेशन को रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक इसके प्रति आमजन जागरूक नहीं होगा तब तक फूड एडल्ट्रेशन को रोकना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरों की जानकारी देने वालों को रिवार्ड भी दिया जाना चाहिए ताकि लोग जानकारी देने को प्रोत्साहित हों।

मुख्य सचिव ने मिलावट से संबंधित मामलों की जनपदवार रिपोर्ट उपलब्ध कराए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि यह भी बताया जाए कि किस जनपद में कितने मामले कब से पेंडिंग हैं। उन्होंने मिलावट से संबंधित सभी मामलों को फास्ट ट्रैक पर निपटाने के निर्देश दिए। कहा कि मिलावट के गंभीर मामलों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र से शीघ्र फैसला किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि नियमित जांच और कठोर कार्रवाई से ही खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी को रोका जा सकता है। उन्होंने इसके लिए ठोस एक्शन प्लान के साथ ही इसके कार्यान्वयन की टाइम लाइन निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव अमित नेगी एवं कमिश्नर फूड सेफ्टी डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments