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Wednesday, October 21, 2026
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देर आये दुरस्त आये लेकिन अभी न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का सवाल अधूरा भाकियू

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों को रदृद करने की घोषणा के बाद भारतीय किशान यूनियन ने उनके इस फैसले को किशानों की पहली जीत लेकिन अधूरी जीत बताया है। भाकियू ने एमएसपी पर कानूनी गारंटी सहित सी2+ 50% दिये जाने को ही किशानों की पूरी जीत बताया है।

भाकियू ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि देश के किसानों की सामूहिक एकजुटता, त्याग और संघर्ष की बदौलत यह पहली जीत मिली है। तीनों काले कानून सरकार वापस लेगी। हालांकि इस जीत में हमारे अपने 700 से ज्यादा किसान भाई. बहनों की शहादत हुई है। किसानों की शहादतों की जिम्मेदारी सरकार और प्रधानमंत्री मोदी का अहंकार था, आज यह साबित हो गया है कि जब केवल उनके मान लेने से कानून वापस होंगे।

कहा है कि देश से बड़ा कोई नहीं होता किसी का व्यक्तिगत अंहकार भी नही, यह इस देश के देशभक्त किसानों नौजवानों ने अहिंसक सत्याग्रह कर के साबित किया।

उन्होंने यह भी कहा है कि लडाई अभी अधूरी है एमएसपी की कानूनी गारंटी व सी2+ 50% के साथ की मांग पूरे देश के किसानों की है, और यह लडाई इस मांग के पूरे होने के साथ ही पूरी होगी।

इसके अलावा कहा है कि बाकी हम सब संयुक्त किसान मोर्चा में बैठक कर आगे का सामूहिक निर्णय लेंगे। इस लड़ाई में किसानों ने बहुत आलोचना सही है।आन्दोलनजीवी से खालिस्तानी तक कहा गया लेकिन किसानों ने धैर्य नही खोया।

भाकियू ने अपने बयान में यह भी कहा है कि वहे धैर्यपूर्ण व अहिंसात्मक इस संघर्ष के लिए सभी किसानों का धन्यवाद करती है

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