Latest news
डॉ. निशंक के दिल्ली आवास पर दिग्गजों का मंथन उत्तराखंड में नवाचार आधारित शिक्षा मॉडल के विकास पर फोकस आयुष मंत्री मदन कौशिक ने राष्ट्रीय आयुष मिशन की समीक्षा की कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए सचिव से लगाई गुहार -मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की कई योजनाओं का शुभारंभ मुख्य सचिव ने समन्वित, प्रभावी एवं समयबद्ध आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित किए जाने के निर्देश... चकराता में केंद्रीय संचार ब्यूरो का तीन दिवसीय एकीकृत संचार एवं आउटरीच कार्यक्रम संपन्न ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’, शौर्य दिवस के अवसर पर कारगिल वीरों को दी जाएगी श्रद्धांजलि अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डराज्य के सभी जिलों के 19 डायलिसिस सेन्टर्स में बीपीएल मरीजों एवं...

राज्य के सभी जिलों के 19 डायलिसिस सेन्टर्स में बीपीएल मरीजों एवं गोल्डन कार्ड धारकों को मुफ्त दी जा रही है डायलिसिस सुविधा

देहरादून। बीपीएल निर्धन मरीजों और गोल्डन कार्ड धारकों के लिए प्रदेशभर के 13 जिलों में स्थापित 19 सुचारू डायलिसिस सेन्टर्स के माध्यम निःशुल्क संचालित की जा रही है। हेमोडायलिसिस सेवाओं की जानकारी जरूरतमंदों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी चिकित्सा विभाग पर तय करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस मामले में राज्य के सभी जिलों में सौ फीसदी कवरेज को समयबद्धता से पूरा करने की कड़ी हिदायत दी है। राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आंवटित सरकारी संसाधनों में तेजी लाने तथा उनका कुशलतापूर्वक उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने कहा कि राज्य के 13 जिलों में स्थापित 19 सुचारू डायलिसिस सेन्टर्स में 153 डायलिसिस मशीनों की सहायता गरीबी रेखा से नीचे के मरीजों तथा गोल्डन कार्ड धारकों को निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं प्रदान की जा रही हैं तथा गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) के मरीजों को निम्नतम शुल्क पर यह सेवाएं दी जा रही हैं। इसमें पीपीपी में सीएसआर के तहत 82 डायलिसिस मशीने तथा हंस फाउण्डेशन के द्वारा सीएसआर के तहत 49 मशीने संचालित की जा रही हैं। पीपीपी मोड के तहत आने वाले अस्पतालों में यह आयुष्मान के साथ सूचीबद्ध हैं तथा उसके माध्यम से उनका भुगतान किया जाता है। जिन बीपीएल तथा एचआईवी मरीजों का आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनका भुगतान डीजीएमएच तथा एफडब्ल्यू के द्वारा किया जाता है। वर्ष 2024-25 में दिसम्बर तक लाभार्थियों को 117490 डायलिसिस सेशन दिए जा चुके हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम के तहत सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे आने वाले मरीजों तथा गोल्डन कार्ड धारकों के लिए निःशुल्क संचालित की जा रही डायलिसिस सेवाओं की समीक्षा की।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सम्बन्धित विभाग को पीएमएनडीपी पोर्टल का व्यापक उपयोग करने के निर्देश दिए, यह पोर्टल पीएमएनडीपी के तहत निःशुल्क डायलिसिस सेवाओं का लाभ उठाने वाले सभी मरीजों का विवरण प्राप्त करने के लिए एपीआई-आधारित आईटी प्लेटफॉर्म है। सीएस ने डुप्लीकेसी रोकने तथा पारदर्शिता, दक्षता और अंतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए 14 अंकों के विशिष्ट आईडी का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने एपीआई सांझा करने तथा समग्र कवरेज के लिए अलग-अलग पोर्टल का उपयोग करने पर इसे पीएमएनडीपी पोर्टल के साथ एकीकृत करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत डायलिसिस सेवाओं को उनके प्रदाताओं के बीच बेहतर कार्य प्रणाली के साथ स्थापित करना तथा किड़नी से संबंधित रोगों से ग्रस्त रोगियों को उच्च गुणवत्ता और कम लागत में डायलिसिस सेवाएं प्रदान करना है। हेमोडायलिसिस की प्रक्रिया एक बार सम्पन्न होने में अत्यधिक लागत आती है। इस प्रकार किड़नी के रोगियों का वार्षिक खर्च बहुत ज्यादा हो जाता है। राज्य के पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों की हेमोडायलिसिस केंद्रों से दूरी भी इस समस्या का प्रमुख कारण है। इस कार्यक्रम से गरीब परिवारों के रोगियों को कम लागत में डायलिसिस की सुविधा अपने जनपदों में ही प्राप्त हो सकेगी। बैठक में सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments