Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डकेंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया श्रम मंत्रियों एवं सचिवों के साथ राष्ट्रीय...

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया श्रम मंत्रियों एवं सचिवों के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे

देहरादून। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री, डॉ मनसुख मांडविया 29-30 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में दो दिवसीय “राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्रियों एवं सचिवों के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन” की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में श्रम एवं रोजगार और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री, शोभा करंदलाजे भी शामिल होंगी और सुमिता डावरा, सचिव (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय) विचार-विमर्श के लिए विषय निर्धारित करेंगी। इस राष्ट्रीय बैठक का आयोजन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा श्रम सुधारों, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों सहित संगठित एवं असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, ईएसआईसी चिकित्सा अवसंरचना और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने, राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल और मॉडल करियर केंद्रों (एमसीसी) के माध्यम से रोजगार में सुधार लाने के लिए सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ सहयोग को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।
इसमें प्रमुख श्रम एवं रोजगार के मुद्दों पर अंतर्दृष्टि प्रदान करने के साथ-साथ, अनुभवों और सर्वाेत्तम प्रथाओं का भी आदान-प्रदान किया जाएगा, जिसमें श्रम संहिताओं के अंतर्गत केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मसौदा नियमों को सुसंगत बनाना, श्रम संहिताओं की भावना के अनुरूप मौजूदा संरचना के अंतर्गत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किए जा रहे श्रम सुधार शामिल हैं। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने द्वारा किए गए सुधार पहलों को प्रदर्शित करेंगे। बैठक का उद्देश्य निरीक्षक की भूमिका को निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता बनाने के लिए हितधारकों में क्षमता निर्माण करना भी है। इन सुधारों का उद्देश्य एमएसएमई और स्टार्ट-अप सहित उद्योग के विकास को सुविधाजनक बनाना है, जिससे व्यापार करने में आसानी के माध्यम से गुणवत्ता रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा सके, साथ ही श्रम कल्याण एवं महिला कार्यबल भागीदारी आदि को बढ़ावा दिया जा सके।
बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों एवं नियोक्ताओं दोनों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से सुधारों के लिए एक सुव्यवस्थित और सुसंगत कानूनी एवं प्रशासनिक संरचना का निर्माण करने के लिए केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों में तेजी लाना है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments